एलजी मनोज सिन्हा बोले: कश्मीरी पंडितों के हर मुद्दे का होगा हल, षड़यत्र में न फंसे
एलजी ने कहा कुछ लोग सुनियोजित ढंग से एक षड़यत्र चला रहे हैं और यह मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि उस षड्यंत्र में फसने की ज़रुरत नहीं है। मुलाजिम की हत्या हो जाना मैं समझता हूं कि इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण किसी भी प्रशासनिक हेड के लिए नहीं हो सकता।
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कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की हत्या के विरोध में 12 दिन से धरनारत कर्मचारियों के बीच सोमवार को शेखपोरा पंडित कालोनी में पहुंचे उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं तथा हर मुद्दे का प्राथमिकता के आधार पर हल होगा। कहा कि कुछ लोग सुनियोजित ढंग से एक षडयंत्र रच रहे हैं। इसमें फंसने की जरूरत नहीं है। उन्होंने राहुल भट की पत्नी मीनाक्षी को चतुर्थ श्रेणी संवर्ग में नियुक्त किए जाने के आदेश में संशोधन करने का भरोसा दिलाया।
एलजी ने कहा कि किसी की मौत का कोई मुआवजा नहीं हो सकता। राहुल भट की पत्नी को चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति को लेकर वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक बलिदानी के लिए क्लास-4 की नौकरी एक निंदा योग्य बात है। इस पर एलजी ने कहा कि पहले हमसे कहा गया था कि वह ग्रेजुएट हैं, हमने आदेश दिए थे कि तुरंत नियुक्ति हो। बाद में आधिकारिक तौर पर पता चला कि वे इंटरमीडिएट हैं। मेरे संज्ञान में बात लाई गई है इसलिए जो भी संशोधन की गुंजाइश होगी वह की जाएगी।
इस बीच मुआवजे को लेकर कहा कि यह गृह मंत्रालय का स्टैंडिंग ऑर्डर है। आतंकी हमले में मौत पर 5 लाख दिया जाता है। इसको गलत ढंग से प्रसारित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी मुलाजिम की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। आश्वासन दिया कि हम लगातार आपसे संपर्क में रहेंगे। हम आपको भरोसा देना चाहते हैं कि जब तक आपको न लगे कि संतोषजनक हल हो गया तब तक यह बातचीत जारी रहेगी।
बंदूक से जान लेने वाली नहीं, बल्कि उन्हें चलाने वाले टारगेट पर
उप राज्यपाल ने कहा कि केवल वह लोग हमारे टारगेट पर नहीं है जो बंदूक से लोगों की जान ले रहे हैं, बल्कि वह सभी लोग टारगेट पर हैं जो इस पारिस्थितिकी तंत्र को चला रहे हैं। जम्मू कश्मीर की परिस्थिति से आप सभी लोग परिचित हैं। आतंकवाद की जड़ें यहां लंबे समय से गहरी रही हैं, लेकिन एक अंतर समझना होगा कि पहले घटनाएं होती थीं तब एफआईआर भी दर्ज नहीं होती थी और जांच भी नहीं होती थी। अब वर्तमान प्रशासन आतंकी घटना की ईमानदारी से जांच कर रहा है।
घाटी में सुरक्षा परिदृश्य पर बात करते हुए एलजी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में सुरक्षाबलों का काफी अपर हैंड है, लेकिन बावजूद इसके कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं। यह इकोसिस्टम बड़ा मजबूत है। कोई यहां भी है जो सूचना दे रहा होगा। कोई नहीं जानता, परछाईं पर भी यहां संदेह किया जा सकता है। मैं यह आपसे नहीं कह सकता कि कोई घटना नहीं होगी लेकिन कोशिश हम जरूर कर रहे हैं। केवल वो लोग हमारे टारगेट पर नहीं है जो बंदूक से लोगों की जान ले रहे हैं, वो सभी लोग टारगेट पर हैं जो इस इकोसिस्टम को चला रहे हैं। जब तक इसे नेस्तनाबूद नहीं किया जाएगा तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। एलजी ने कहा कि डिविजनल कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि आपको यहां सुरक्षित स्थानों पर लगाया जाए। हमने एक अधिकारी अपने दफ्तर में नियुक्त किया है जो हर सप्ताह इस संबंधी अपडेट देगा।
कर्मचारी बोले, फिलहाल जारी रहेगा संघर्ष
उप राज्यपाल ने कहा कि मैं देर से आया, यह सच है। मैं उसी दिन आ रहा था। सुबह भट जी की बहन और उनके बहनोई से मेरी मुलाकात हुई थी। मुझे बताया गया था कि एक प्रतिनिधिमंडल मिलने वाला है, लेकिन बाद में मुझे कहा गया कि नहीं, लोग चाहते हैं कि वहीं आएं। आप सभी लोग सरकारी मुलाजिम हैं। हमने सूचना भेजी थी कि धरने से अपने कैंप में चलिए, मैं आपसे आकर मिलूंगा। मैं जब लौटकर आया तो मुझे सूचना दी गई कि आपका धरना अभी खत्म नहीं हुआ है। फिर मेरी एक बैठक थी, जिसमें मैं चला गया।
बैठक से आने के बाद रात को मुझे जानकारी मिली कि आप लोग कैंप में आ गए। फिर मुझे बाहर जाना पड़ा। आने के बाद मैंने कोशिश की तो यह पता चला कि दसवां है। हमारा कोई भी मुलाजिम मरता है तो वहां जाना हमारा दायित्व है। एलजी ने प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को आश्वासन दिलाया कि परसों जम्मू से लौटने के बाद वो उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे और बैठ कर उनकी सुनवाई करेंगे। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
एलजी के वहां से निकलने पर उन्होंने नारेबाजी की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार, डिविजनल कमिश्नर पीके पोल के अलावा अन्य प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले उप राज्यपाल के पहुंचने पर वंदे मातरम, हर हर महादेव, भारत माता की जय और वी वांट जस्टिस के नारे लगे। सबसे पहले राहुल भट को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।