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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   lg manoj sinha addressed passing out parade of new recruits at Police Training Centre Manigam in Ganderbal

Ganderbal: जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले 538 नए रंगरूट, LG बोले- नार्को-आतंकवाद पर नकेल कसने की जरूरत

Sun, 31 Jul 2022 04:35 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गांदरबल
अमर उजाला नेटवर्क, गांदरबल Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Sun, 31 Jul 2022 04:35 PM IST
सार

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि नार्को-आतंकवाद को यदि समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो कैंसर की तरह सामने आ सकता है। प्रदेश से उग्रवाद को जड़ से खत्म करने के प्रयास जारी हैं।

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lg manoj sinha addressed passing out parade of new recruits at Police Training Centre Manigam in Ganderbal
Police Training Centre Manigam - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कश्मीर संभाग के जिला गांदरबल में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र मणिगाम में रविवार को नए रंगरूटों की पासिंग-आउट परेड का आयोजन हुआ। इस दौरान 538 नए रंगरूटों ने इस परेड में भाग लिया। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने परेड की सलामी ली।

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इस दौरान एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में कई क्षेत्रों को आतंकवाद से मुक्त कर दिया गया है। आतंक का पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पूरे प्रदेश से उग्रवाद को जड़ से खत्म करने के प्रयास जारी हैं। नार्को-आतंकवाद को यदि समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो कैंसर की तरह सामने आ सकता है।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने कौशल, समर्पण, गतिशीलता और देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के संकल्प के साथ-साथ बेहतर आंतरिक सुरक्षा मशीनरी का बेहतरीन उदाहरण है। समय के साथ उन्होंने दिखाया है कि जहां चाह होती है, वहां आगे बढ़ने का रास्ता होता है। उपराज्यपाल बोले, हमें विध्वंसक तत्वों द्वारा उत्पन्न नए उभरते खतरों को समाप्त करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने की जरूरत है।
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उपराज्यपाल ने कहा कि पुलिस ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ अपनी मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों को आतंकवाद और इसके पारिस्थितिकी तंत्र के खतरे से मुक्त किया है। लेकिन, पूरे प्रदेश से आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। नार्को-आतंकवाद तेजी से सबसे बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है और अगर समय रहते इससे निपटा नहीं गया तो यह कैंसर का रूप ले सकता है।

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि उग्रवाद को खत्म करने के लिए, आपको इसके सभी ऑफ-शूट और इसका समर्थन करने वाले उपकरणों को नष्ट करने की आवश्यकता है। जम्मू-कश्मीर में पुलिस को विभिन्न मोर्चों पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अन्य राज्यों में, जम्मू-कश्मीर की तुलना में पुलिस के लिए चुनौतियां कम हैं। यहां पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक अपराधों के साथ ही उग्रवाद और विध्वंसक तत्वों से भी निपटना होता है।

उन्होंने सभी चुनौतियों का बहादुरी से और पेशेवर तरीके से सामना करने के लिए पुलिस बल की सराहना की। पुलिस बल इसी माध्यम से तकनीकी और सोशल मीडिया के दुष्प्रचार का मुकाबला करने की कला तेजी से सीख रहा है। हमने ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करके सोशल मीडिया के प्रचार का मुकाबला किया है और पुलिस बल उस मोर्चे पर कड़ी मेहनत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन वर्षों से पुलिस को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है और आने वाले समय में पुलिस बल को और अधिक कुशल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए रंगरूट जिन्होंने अपना कोर्स पूरा कर लिया है, उन्हें न केवल सामान्य पुलिसिंग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, बल्कि कानून और व्यवस्था को संभालने, उग्रवाद से निपटने के लिए और सीसीटीएनएस के माध्यम से जुड़े रहने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है।

नार्को-आतंकवाद पुलिस बल के लिए बड़ी चुनौती- डीजीपी दिलबाग

वहीं, परेड के दौरान डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि 'नार्को-आतंकवाद' पुलिस बल के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना है। पड़ोसी देश एक तरफ नई पीढ़ी को नष्ट करना चाहता है और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इससे धन को अर्जित करना चाहता है। पुलिस नार्को-व्यापार में शामिल मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर रही हो, लेकिन इस मोर्चे पर बहुत कुछ और करने की जरूरत है। 

उन्होंने यह भी कहा कि हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) जम्मू-कश्मीर में व्याप्त शांतिपूर्ण माहौल से खुश नहीं है। वो युवाओं को नशीले पदार्थों का लालच देकर और नार्को-बिक्री से अर्जित धन से उग्रवाद को बढ़ावा देना चाहता है। 

डीजीपी ने कहा कि ड्रोन से एयर ड्रॉप नशीले पदार्थ और हथियार भेजे जा रहे हैं। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे को रोकने में सफल रही हैं। जम्मू-कश्मीर में नार्को-आतंकवाद को रोकने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है क्योंकि यह एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन पड़ोसी लगातार शांति भंग करने की साजिश रचता है। 

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