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नवाचार, ईमानदारी और सेवा भावना विकसित करें छात्र : कविंद्र गुप्ता
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एलजी कविंदर गुप्ता ने गवर्नमेंट कॉलेज गुरदासपुर के दीक्षांत समारोह में छात्रों को किया प्रेरित,
-गवर्नमेंट कॉलेज गुरदासपुर के दीक्षांत समारोह में पहुंचे लद्दाख के उपराज्यपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शनिवार को गवर्नमेंट कॉलेज गुरदासपुर के वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लिया। उन्होंने 247 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं तथा 5 मेधावी छात्रों को ‘रोल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों से नवाचार, ईमानदारी और सेवा भावना विकसित करने का आह्वान किया।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब युवा शासन, उद्यमिता, अनुसंधान और सामुदायिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने स्नातकों को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों को स्वीकार करने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
ज्ञान और कौशल विकास की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कविंद्र गुप्ता ने शैक्षणिक संस्थानों से अकादमिक उत्कृष्टता के साथ चरित्र निर्माण को जोड़ते हुए समग्र शिक्षा पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीक के उपयोग, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने तथा स्थानीय एवं राष्ट्रीय समस्याओं के टिकाऊ समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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इस अवसर को भावनात्मक और व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए उपराज्यपाल ने उसी संस्थान के पूर्व छात्र के रूप में अपनी यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के मंच पर दोबारा खड़ा होना घर लौटने जैसा अनुभव था। उन्होंने बताया कि कक्षा से लेकर उपराज्यपाल पद तक की उनकी यात्रा शिक्षकों के आशीर्वाद, माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कारों और संस्थान द्वारा प्रदान किए गए अनुशासन की देन है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिवर्तन पद से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा से आता है।
लद्दाख में अपने अनुभव साझा करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इस उच्च हिमालयी केंद्र शासित प्रदेश में सेवा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक पवित्र प्रतिबद्धता है। उन्होंने दूरस्थ और सीमावर्ती गांवों के अपने व्यापक दौरों, सैनिकों के परिवारों और युवाओं से संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन सेवा, विश्वास और जनता से सीधे जुड़ाव पर आधारित होता है।
उन्होंने सभा को लद्दाख में उच्च शिक्षा और अनुसंधान अवसंरचना के तेजी से हो रहे विकास की जानकारी दी। विशेष रूप से लद्दाख विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल पुस्तकालय और उन्नत अनुसंधान तकनीकों के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता को मजबूत किया जा रहा है।
बाद में उपराज्यपाल को राष्ट्र निर्माण में उनके विशिष्ट सार्वजनिक योगदान के लिए श्री लक्ष्मी चंदर विशिष्ट सेवा रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने उन्हें ईमानदारी, नवाचार और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शनिवार को गवर्नमेंट कॉलेज गुरदासपुर के वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लिया। उन्होंने 247 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं तथा 5 मेधावी छात्रों को ‘रोल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों से नवाचार, ईमानदारी और सेवा भावना विकसित करने का आह्वान किया।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब युवा शासन, उद्यमिता, अनुसंधान और सामुदायिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने स्नातकों को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों को स्वीकार करने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
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ज्ञान और कौशल विकास की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कविंद्र गुप्ता ने शैक्षणिक संस्थानों से अकादमिक उत्कृष्टता के साथ चरित्र निर्माण को जोड़ते हुए समग्र शिक्षा पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीक के उपयोग, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने तथा स्थानीय एवं राष्ट्रीय समस्याओं के टिकाऊ समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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इस अवसर को भावनात्मक और व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए उपराज्यपाल ने उसी संस्थान के पूर्व छात्र के रूप में अपनी यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के मंच पर दोबारा खड़ा होना घर लौटने जैसा अनुभव था। उन्होंने बताया कि कक्षा से लेकर उपराज्यपाल पद तक की उनकी यात्रा शिक्षकों के आशीर्वाद, माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कारों और संस्थान द्वारा प्रदान किए गए अनुशासन की देन है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिवर्तन पद से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा से आता है।
लद्दाख में अपने अनुभव साझा करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इस उच्च हिमालयी केंद्र शासित प्रदेश में सेवा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक पवित्र प्रतिबद्धता है। उन्होंने दूरस्थ और सीमावर्ती गांवों के अपने व्यापक दौरों, सैनिकों के परिवारों और युवाओं से संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन सेवा, विश्वास और जनता से सीधे जुड़ाव पर आधारित होता है।
उन्होंने सभा को लद्दाख में उच्च शिक्षा और अनुसंधान अवसंरचना के तेजी से हो रहे विकास की जानकारी दी। विशेष रूप से लद्दाख विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल पुस्तकालय और उन्नत अनुसंधान तकनीकों के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता को मजबूत किया जा रहा है।
बाद में उपराज्यपाल को राष्ट्र निर्माण में उनके विशिष्ट सार्वजनिक योगदान के लिए श्री लक्ष्मी चंदर विशिष्ट सेवा रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने उन्हें ईमानदारी, नवाचार और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।