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जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में जीवाश्म की सबसे बड़ी खोज, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर भेजे जाएंगे सैंपल

Tue, 31 Aug 2021 12:26 AM IST
Vikas Kumar एजेंसी, श्रीनगर
एजेंसी, श्रीनगर Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 31 Aug 2021 12:26 AM IST
सार

लेक्चरर मंजूर जावेद और डॉ. रौफ हमजा शिक्षा विभाग के स्कूलों में बनाए गए हर्बल गार्डन के नाडल अफसर हैं। दोनों अधिकारियों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में अहरबल वाटरफॉल के पास जीवाश्म खोज निकाले। दोनों अधिकारियों ने दावा किया कि यह जीवाश्म 35 करोड़ से 48 करोड़ साल पुराने हैं। 

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largest fossil discovery by two lecturers in kulgam samples will be sent to bhabha atomic research center
जीवाश्म (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कश्मीर घाटी के कुलगाम में करोड़ों साल पुराने जीवाश्म का बड़ा भंडार मिला है। प्रारंभिक जांच में जीवाश्म की इस खोज को जम्मू-कश्मीर में अब तक की सबसे बड़ी खोज माना जा रहा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि जीवाश्म कितने पुराने हैं, लेकिन पुरातत्व विभाग के अनुसार विविधता, क्षेत्र विस्तार और आयु के हिसाब से प्रदेश की यह सबसे बड़ी खोज है। शिक्षा विभाग में लेक्चरर पद पर कार्यरत दो अधिकारियों ने जीवाश्म खोजे हैं। पुरातत्व विभाग ने सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर भेजा जाएगा।

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लेक्चरर मंजूर जावेद और डॉ. रौफ हमजा शिक्षा विभाग के स्कूलों में बनाए गए हर्बल गार्डन के नाडल अफसर हैं। दोनों अधिकारियों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में अहरबल वाटरफॉल के पास जीवाश्म खोज निकाले। दोनों अधिकारियों ने दावा किया कि यह जीवाश्म 35 करोड़ से 48 करोड़ साल पुराने हैं। 
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अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्र में हजारों की तादाद में जीवाश्म हैं, जिनकी विविधता भी दुर्लभ है। मौसम, सड़कों के निर्माण और भूमि कटाव की वजह से जीवाश्म जमीन की सतह पर नजर आ रहे हैं। खोदाई करने पर यहां बड़े पैमाने पर जीवाश्म मिलना तय है। पुरातत्व विभाग इस क्षेत्र में जीवाश्म संरक्षण की प्रक्रिया चलाए तो यह विज्ञान के लिए अध्ययन की बड़ी संभावना है। 
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डॉ. हमजा ने कहा कि यह जीवाश्म 35 से 48 करोड़ वर्ष पुराने हो सकते हैं। कार्बन डेटिंग तकनीक से ही इनकी उम्र का सही पता चल सकेगा। वहीं सूचना मिलने पर जम्मू-कश्मीर संग्रह, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की टीम ने सैंपल लिए। पुरातत्व विभाग श्रीनगर के उप निदेशक मुश्ताक अहमद बेग ने कहा कि जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। यह सैंपल भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर भेजे जाएंगे। जांच से पहले यह नहीं कहा जा सकता है कि यह कितने पुराने हैं, लेकिन यह जम्मू-कश्मीर में जीवाश्म की अब तक सबसे बड़ी खोज कही जा सकती है।

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