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Leh Violence: लेह हिंसा के बाद लद्दाख पर्यटन ठप... कारोबार संकट में, होटल-टैक्सी ऑपरेटरों की सरकार से अपील
Tue, 07 Oct 2025 06:52 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Tue, 07 Oct 2025 06:52 PM IST
सार
लेह में हुई हिंसा और अशांति के कारण लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है।
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लेह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लेह में हुई हिंसा और अशांति के बाद लद्दाख का पर्यटन उद्योग गहरे संकट में चला गया है। पर्यटन से जुड़े विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार और बैंकों से वित्तीय राहत और ऋण पुनर्गठन की मांग की है ताकि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके।
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होटल व्यवसायियों, टूर ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि पहले से ही कमजोर चल रहा पर्यटन सीजन लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद पूरी तरह चरमरा गया। इन संगठनों ने एक संयुक्त पत्र के माध्यम से केंद्रशासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष को राहत पैकेज की मांग करते हुए पत्र सौंपा है।
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इस पत्र में ऑल लद्दाख होटल एंड गेस्ट हाउस एसोसिएशन, ऑल लद्दाख टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन, लेह को-ऑपरेटिव टैक्सी लिमिटेड, टेम्पो यूनियन और बाइक यूनियन सहित कई संगठन शामिल हैं।
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24 सितंबर को हुई हिंसा ने बिगाड़ी स्थिति
लेह में 24 सितंबर को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसमें चार लोगों की मौत और कई घायल हो गए। इसके बाद कर्फ्यू और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं, जिससे जनजीवन और व्यापार दोनों प्रभावित हुए।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी इस प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। एक सप्ताह के भीतर अधिकतर पाबंदियां हटा ली गईं, लेकिन तब तक पर्यटन क्षेत्र को गहरा झटका लग चुका था।
संकट में हजारों लोगों की आजीविका
पर्यटन संगठनों ने अपने पत्र में लिखा कि, लद्दाख का पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि यह क्षेत्र की 70% से अधिक आबादी की आजीविका का स्रोत है। अब जब सर्दी की शुरुआत हो गई है और अधिकतर कारोबार बंद होने की कगार पर हैं, ऐसे में ऋण चुकाना भी मुश्किल हो गया है।