Khelo India: डल झील में वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल की शुरुआत आज से, रेस कोर्स में खिलाड़ियों ने परखीं तैयारियां
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाएं देखीं। बुधवार को ही खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों को फाइनल ब्रीफिंग की गई, जिसमें आयोजन का पूरा प्रारूप समझाया गया।
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खेलो इंडिया के नए संस्करण वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आगाज वीरवार से होने जा रहा है। बुधवार को डल झील के रेस कोर्स में खिलाड़ियों ने अपनी तैयारियां परखीं। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाएं देखीं। बुधवार को ही खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों को फाइनल ब्रीफिंग की गई, जिसमें आयोजन का पूरा प्रारूप समझाया गया।
वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल के लिए देशभर के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 409 खिलाड़ी और कई ऑफिशियल्स श्रीनगर आए हैं। बुधवार को खिलाड़ी रेस कोर्स में उतरे और अभ्यास किया। ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग जज बिलकिस मीर जो इस आयोजन की प्रतियोगिता प्रबंधक भी हैं, ने बताया कि 21 से 23 अगस्त तक फेस्टिवल चलेगा। पानी के व्यवहार, ऊंचे स्थान पर स्थित डल झील में गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव और खेल परिस्थितियों को समझने के लिए खिलाड़ी रेस कोर्स में उतरे।
वाटर स्पोर्ट्स से जुड़े कई खिलाड़ी दक्षिण भारत के हैं, जहां समुद्र और खेल के स्थान निचली सतहों पर हैं, जबकि श्रीनगर की डल झील ऊंचे स्थान पर है। इससे पानी का व्यवहार और गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव काफी बदल जाता है, ऐसे में प्रतियोगिता से पहले अभ्यास जरूरी हो जाता है। वहीं जम्मू कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के एक्स हैंडल पर बताया गया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल 2025 की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें खेल उत्कृष्टता और युवा उत्साह पर ज़ोर दिया गया।
रोइंग में इस वर्ष मार्च में भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के शीर्ष आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का तड़का भी होगा। दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले आर्मी रोवर अर्जुन लाल जाट मुख्य आकर्षणों में से एक होंगे। 28 वर्षीय जाट 2020 टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा ले चुके हैं और उन्होंने हांग्जो में 2022 एशियाई खेलों में लाइट-वेट डबल स्कल्स में रजत पदक जीता था।
24 स्वर्ण पदकों के लिए भिड़ेंगे खिलाड़ी
बुधवार को सभी खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों को फाइनल ब्रीफिंग की गई। तीन दिन चलने वाले इस आयोजन से जुड़ी जानकारियां दी गईं। आयोजन का पूरा प्रारूप समझाया गया। देश के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय एथलीट वीरवार से डल झील में आयोजित होने वाले वाटर स्पोर्ट्स में 24 स्वर्ण पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। तीन दिवसीय इस आयोजन में एथलीट रोइंग, कैनोइंग, कयाकिंग और ड्रैगन बोट जैसे पदक स्पर्धाओं के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। ओपन-एज श्रेणी में 14 कयाकिंग और कैनोइंग और 10 रोइंग स्पर्धाएं होंगी। ड्रैगन बोट रेस, वाटर स्कीइंग और शिकारा बोट स्प्रिंट प्रदर्शन होंगे। जल खेलों में पुरुषों और महिलाओं का लगभग बराबर प्रतिनिधित्व होगा। पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले 409 एथलीटों में से 202 महिलाएं होंगी। मध्य प्रदेश (44), हरियाणा (37), ओडिशा (34) और केरल (33) का केआईडब्ल्यूएसएफ 2025 में सबसे बड़ा दल होगा। गुजरात, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की टीमें सबसे छोटी होंगी।
आज तय होंगे तीन पदक
वीरवार को पहले दिन भी प्रतियोगिता में कयाकिंग और कैनोइंग में तीन स्वर्ण पदक तय होंगे। - गुरुवार को पहले दिन तय किए जाएंगे। सभी 10 रोइंग फाइनल 23 अगस्त को अंतिम दिन निर्धारित हैं। वीरवार शाम को बजे उद्घाटन समारोह होगा, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे और जम्मू-कश्मीर के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में ड्रोन लाइट शो, पारंपरिक लोक नृत्य, सांस्कृतिक प्रदर्शन होंगे। साथ ही स्ट्रीट फूड, कला, संस्कृति और स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल भी होंगे। संचालन के लिए विभिन्न कार्यात्मक क्षेत्रों के लिए समन्वय समितियां बनाई गई हैं।
जल क्रीड़ाओं के एक नए युग की शुरुआत
बिलकिस मीर ने बताया कि यह सिर्फ़ एक आयोजन नहीं है, बल्कि हमारे देश में जल क्रीड़ाओं के एक नए युग की शुरुआत है। जब मैंने 1990 के दशक में 10 साल की उम्र में यहां पैडलिंग शुरू की थी, तो मेरा सपना था कि मैं एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करूं। यह सपना तब साकार हुआ जब मैं विश्व कप में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला बनी। मुझे यकीन है कि यह आयोजन बेहद रोमांचक होगा और हमारे उन युवा एथलीटों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगा जो सबसे बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं। जल क्रीड़ा प्रशिक्षक मोहम्मद इम्तियाज़ ने कहा, खेलो इंडिया शीतकालीन खेल खेलों ने ही गुलमर्ग को देश के शीतकालीन खेलों के केंद्र के रूप में स्थापित किया। इसी तरह, खेलो इंडिया जल क्रीड़ा महोत्सव जम्मू और कश्मीर को देश भर के जल क्रीड़ा एथलीटों के बीच प्रसिद्ध बनाएगा।
खिलाड़ी तैयार, मुकाबले का इंतजार
कयाकिंग प्रतियोगिता में भाग लेने की तैयारी कर रहे युवा जल क्रीड़ा खिलाड़ी मोहसिन अली, जम्मू और कश्मीर के राज्य चैंपियन हैं और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में तीन स्वर्ण सहित 15 पदक जीते हैं। कई अन्य खिलाड़ियों की तरह, मोहसिन भी यहां आयोजित इन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वाटर स्पोर्ट्स खिलाड़ी और शिकारा संचालक मोहम्मद रफीक मल्ला ने कहा कि यह उत्सव न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि डल झील के अंदर रहने वाले मेरे जैसे लोगों के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा। मैं देश भर के युवा खिलाड़ियों को डल झील में खेलते देखना चाहता हूं। साथ ही, मैं यह भी चाहूंगा कि वे जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा का आनंद लें और डल झील के अंदर की चहल-पहल भरी ज़िंदगी को देखें।
मील का पत्थर साबित होगा वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल
डल झील केवल एक आयोजन स्थल नहीं है; यह खेलों को स्टेडियमों से आगे बढ़ाकर प्राकृतिक परिदृश्यों तक ले जाने के भारत के दृष्टिकोण का प्रतीक है। डल कश्मीर के मध्य में स्थित एक विशाल शहरी झील है। ज़बरवान पर्वत के दामन में यह 18 वर्ग किलोमीटर में फैली है। यह झील स्थानीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है और मछली पकड़ने और जलीय पौधों की कटाई जैसे उद्योगों को बढ़ावा देती है। झील का के किनारे पार्क, मुगलकालीन उद्यान, हाउसबोट और होटल हैं। पर्यटक शालीमार बाग और निशात बाग जैसे ऐतिहासिक मुगल उद्यानों से डल झील के अद्भुत दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यहां वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
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