Jammu Kashmir: बदलाव... जहां बरसते थे पत्थर, आज वहां सेल्फी ले रहे लोग, अब तिरंगा बना कश्मीर की पहचान
श्रीनगर के लाल चौक स्थित ऐतिहासिक घंटाघर पर अब तिरंगा सेल्फी पॉइंट बनाकर देशभक्ति का संदेश दिया जा रहा है, जहां कभी पत्थरबाजी और विरोध हुआ करता था। पर्यटकों और स्थानीय लोगों में तिरंगे के साथ फोटो खिंचवाने का उत्साह देखा जा रहा है।
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लाल चौक का घंटाघर अपने आप में बदलाव का एक बड़ा इतिहास समेटे हुए है। अलगाववादियों की पाकिस्तान के समर्थन में रैलियों से लेकर पत्थरबाजी से लेकर पहलगाम हमले के बाद आतंक के विरोध में प्रदर्शन तक इस घंटाघर ने देखे हैं।
सोमवार को तिरंगा सेल्फी पॉइंट के रूप में एक और मील का पत्थर यहां देखने को मिला।लाल चौक के ऐतिहासिक घंटाघर पर दिनभर पर्यटकों की भीड़ रहती है। जो भी कश्मीर आता है वह घंटाघर के सामने फोटो खिंचाना जरूर चाहता है। अब भी हर प्रर्दशन और रैली चाहे किसी पार्टी की हो घंटाघर से शुरू या घंटाघर पर संपन्न होती है। पर्यटकों के दल और बाइकर्स दल के चालक यहां फोटो लेते नजर आ जाएंगे।
प्रशासन की ओर से हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। जगह-जगह तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर संस्कृति विभाग की ओर से लाल चौक के ऐतिहासिक घंटाघर के पास सोमवार को सेल्फी पॉइंट बनाया गया है।
दिनभर यहां लोग आते रहे और सेल्फी पॉइंट पर फोटो खिंचाते रहे।गाजियाबाद के पर्यटक राजेंद्र साहू ने बताया कि परिवार के साथ कश्मीर की यात्रा पर निकले हैं। श्रीनगर आये तो सबसे पहले घंटाघर देखने की चाहत थी। सुना था यहां अलगाववादी तिरंगा नहीं फहराने देते थे।
घंटाघर की बुर्जी पर शान से लहराता तिरंगा देखा तो दिल को सुकून मिला। यहां सेल्फी पॉइंट पर फोटो खिंचाना एक शानदार यादगार है। वहीं मौजूद रजनी गुप्ता ने बताया कि वह ग्वालियर से आयी हैं। देशभक्ति की भावना को व्यक्त करने के लिए तिरंगा सेल्फी पॉइंट एक बेहतरीन साधन है। देश है तो हम हैं।
पहलगाम हमले के विरोध में भी हुए थे प्रदर्शन
घंटाघर के पास स्थित एक दुकान के संचालक ने बताया कि तिरंगा सेल्फी पॉइंट पर काफी लोग फोटो खिंचा रहे हैं। इनमें पर्यटक भी हैं और स्थानीय लोग भी। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले पहलगाम में आतंकी हमले के खिलाफ भी स्थानीय लोगों ने देशभक्ति का परिचय देते हुए कायराना हरकत के खिलाफ प्रदर्शन किया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सेना की कार्रवाई का समर्थन किया था। हम अलग नहीं हैं, भारतीय ही हैं।