{"_id":"6553260a0642364efe0e9135","slug":"jammu-kashmir-nia-raids-in-pulwama-property-of-lashkar-terrorists-seized-at-eight-places-2023-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर: पुलवामा में NIA की दबिश, आठ जगहों पर लश्कर के आतंकियों की संपत्ति की कुर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर: पुलवामा में NIA की दबिश, आठ जगहों पर लश्कर के आतंकियों की संपत्ति की कुर्क
Tue, 14 Nov 2023 05:36 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, पुलवामा
अमर उजाला नेटवर्क, पुलवामा
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 14 Nov 2023 05:36 PM IST
सार
पुलवामा में एनआईए ने आठ अलग-अलग जगहों पर आतंकियों की संपत्ति को कुर्क किया है। ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पुलवामा पहुंची एनआईए की टीम
- फोटो : संवाद
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2018 में हुए एक आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो उग्रवादियों की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इस हमले से श्रीनगर के अस्पताल से एक आतंकवादी को छुड़ाने की योजना बनाई गई थी।
विज्ञापन
एजेंसी ने कुल आठ संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें से पांच संपत्तियां आरोपी मोहम्मद शफी वानी की हैं और तीन सिंगू नारबल, पुलवामा के निवासी मोहम्मद टिक्का खान की हैं। जम्मू में एनआईए स्पेशल कोर्ट के आदेश पर यूए (पी) अधिनियम, 1967 की धारा 33 (1) के तहत इन्हें जब्त किया गया है।
विज्ञापन
6 फरवरी 2018 को आतंकियों ने मेडिकल के लिए ले जा रहे लश्कर-ए-तैयबा के अन्य आतंकी नवीद जट्ट उर्फ अबू हंजला को छुड़ाने के लिए पुलिस दल पर हमला किया। नवीद जट्ट पाकिस्तानी मूल का आतंकवादी था, जिसे बाद में सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था।
विज्ञापन
लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में पहचाने जाने वाले मोहम्मद शफी वानी और मोहम्मद टिक्का खान की कुर्क की गई अचल संपत्तियों में जमीन के विभिन्न भूखंड शामिल हैं। शफी का आवासीय घर भी जब्त कर लिया गया है।
दोनों आरोपियों को 8 फरवरी, 2018 को उनके पुलवामा आवास से गिरफ्तार किया गया था, उनके पास से हथियार भी मिले थे। दोनों पर एनआईए विशेष अदालत के समक्ष संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है, जिसमें आरपीसी की धारा 120 बी / 302 / 307 / 224 / 225 / 411, शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 7/25, 27 यूए (पी) अधिनियम 1967 की धारा 16/18/19/20/38/39 शामिल हैं।