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Srinagar News: मुख्य सचिव ने 40 हजार करोड़ रुपये की हाईवे और सुरंग परियोजनाओं की समीक्षा की
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श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी विकास कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। इसमें बीआरओ, एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश में चल रही नेशनल हाईवे, सुरंग, फ्लाईओवर, ब्रिज, रिंग रोड और अन्य रणनीतिक कनेक्टिविटी परियोजनाओं का विशाल पोर्टफोलियो शामिल है। बैठक में एसीएस पीडब्ल्यूडी, कमिश्नर सेक्रेटरी वन, संभागीय आयुक्त जम्मू/कश्मीर, डीसी, चीफ इंजीनियर प्रोजेक्ट बीकन/संपर्क, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल के क्षेत्रीय अधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने व्यक्तिगत परियोजनाओं की भौतिक प्रगति और संभावित पूर्णता तिथियों पर अपडेट लिया। उन्होंने कहा कि ये मेगा परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर के लिए परिवर्तनकारी हैं और संभागीय व जिला प्रशासन को कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में रहकर बाधाओं को तेजी से दूर करना चाहिए ताकि तय समय सीमा का पालन हो सके।
उन्होंने निर्माणाधीन हाईवे पर मौजूदा सड़क सतह को मोटरेबल और सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया और क्षतिग्रस्त हिस्सों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए ताकि ट्रैफिक जाम और लोगों की असुविधा कम हो। बैठक की शुरुआत में एसीएस पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार सिंह ने प्रमुख परियोजनाओं का अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कुल पोर्टफोलियो में 87 कार्य शामिल हैं जिनकी अनुमानित लागत 1,19,736 करोड़ रुपये है। इनमें से 39,711 करोड़ रुपये के 44 कार्य वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, जबकि 9,187 करोड़ रुपये की 11 स्वीकृत परियोजनाएं शुरू होने वाली हैं। वहीं 70,839 करोड़ रुपये की 32 परियोजनाएं डीपीआर/ सैद्धांतिक चरण में हैं। प्रमुख एनएचएआई परियोजनाओं में दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे, रामबन-बनिहाल टनल पैकेज, जम्मू रिंग रोड, चेनानी-पटनीटॉप कनेक्टिविटी और श्रीनगर रिंग रोड की समीक्षा की गई। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के पांच पैकेज लगभग 142 किमी के हैं और लागत 11,546 करोड़ रुपये है। राय मोरह-सांबा-कुंजवानी जम्मू एयरपोर्ट पैकेज में 96 प्रतिशत से अधिक प्रगति हुई है, जबकि हीरानगर पैकेज 91 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। श्रीनगर रिंग रोड के तीन फेज लगभग 78.8 किमी के हैं और लागत 4,786 करोड़ रुपये है। बीआरओ के प्रोजेक्ट बीकन और संपर्क के तहत एनएच-501 खानबल-पहलगाम-चंदनबाड़ी कॉरिडोर की समीक्षा की गई, जो लगभग 141 किमी और 4,030.57 करोड़ रुपये की लागत वाला है। इसके अलावा 2025-26 में स्वीकृत पीर की गली टनल और साधना टनल, जिनमें लगभग 7,160 करोड़ रुपये का निवेश है और सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत मच्छिल, गुरेज और केरन टनल पर भी चर्चा हुई।
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उन्होंने निर्माणाधीन हाईवे पर मौजूदा सड़क सतह को मोटरेबल और सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया और क्षतिग्रस्त हिस्सों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए ताकि ट्रैफिक जाम और लोगों की असुविधा कम हो। बैठक की शुरुआत में एसीएस पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार सिंह ने प्रमुख परियोजनाओं का अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कुल पोर्टफोलियो में 87 कार्य शामिल हैं जिनकी अनुमानित लागत 1,19,736 करोड़ रुपये है। इनमें से 39,711 करोड़ रुपये के 44 कार्य वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, जबकि 9,187 करोड़ रुपये की 11 स्वीकृत परियोजनाएं शुरू होने वाली हैं। वहीं 70,839 करोड़ रुपये की 32 परियोजनाएं डीपीआर/ सैद्धांतिक चरण में हैं। प्रमुख एनएचएआई परियोजनाओं में दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे, रामबन-बनिहाल टनल पैकेज, जम्मू रिंग रोड, चेनानी-पटनीटॉप कनेक्टिविटी और श्रीनगर रिंग रोड की समीक्षा की गई। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के पांच पैकेज लगभग 142 किमी के हैं और लागत 11,546 करोड़ रुपये है। राय मोरह-सांबा-कुंजवानी जम्मू एयरपोर्ट पैकेज में 96 प्रतिशत से अधिक प्रगति हुई है, जबकि हीरानगर पैकेज 91 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। श्रीनगर रिंग रोड के तीन फेज लगभग 78.8 किमी के हैं और लागत 4,786 करोड़ रुपये है। बीआरओ के प्रोजेक्ट बीकन और संपर्क के तहत एनएच-501 खानबल-पहलगाम-चंदनबाड़ी कॉरिडोर की समीक्षा की गई, जो लगभग 141 किमी और 4,030.57 करोड़ रुपये की लागत वाला है। इसके अलावा 2025-26 में स्वीकृत पीर की गली टनल और साधना टनल, जिनमें लगभग 7,160 करोड़ रुपये का निवेश है और सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत मच्छिल, गुरेज और केरन टनल पर भी चर्चा हुई।
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