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फलों से लदे ट्रकों के लिए ग्रीन कॉरिडोर की मांग पर नितिन गडकरी ने लिया संज्ञान : एआईपी
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कुपवाड़ा। कुपवाड़ा में शनिवार को बागवानों को संबोधित करते हुए अवामी इत्तेहाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता इनाम-उन-नबी ने कहा कि सांसद इंजीनियर रशीद की तरफ से एनएच-44 पर फल लदे ट्रकों के लिए ग्रीन कॉरिडोर की मांग पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संज्ञान लिया है।
नबी ने बताया कि एआईपी अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य ने 2 अगस्त को पत्र के जरिए इस मामले को उठाया था और काजीगुंड, बनिहाल और एनएच-44 के संवेदनशील हिस्सों में फल लदे ट्रकों की बेरोकटोक आवाजाही के लिए समर्पित ग्रीन कॉरिडोर की मांग की थी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 19 अगस्त को अपने पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि मामले पर कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है। प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए नबी ने कहा कि यह कश्मीर की बागवानी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मुद्दा है। हजारों बागवान अपने फलों को घाटी से बाहर बाजारों तक समय पर पहुंचाने पर निर्भर हैं। एनएच-44 पर किसी भी तरह की देरी से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर को सही तरीके से लागू किया जाता है तो इससे पूरे कश्मीर के फल उत्पादकों को बड़ी राहत मिलेगी और पीक सीजन में फलों से लदे ट्रकों की प्राथमिकता के आधार पर आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। नबी ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर में एनएच-44 के महत्वपूर्ण हिस्से, खासकर काजीगुंड और बनिहाल को शामिल किया जाना चाहिए और इसे फल सीजन के दौरान चालू रखा जाना चाहिए ताकि कश्मीर का फल बिना किसी देरी के देश के बाजारों तक पहुंच सके।
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नबी ने बताया कि एआईपी अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य ने 2 अगस्त को पत्र के जरिए इस मामले को उठाया था और काजीगुंड, बनिहाल और एनएच-44 के संवेदनशील हिस्सों में फल लदे ट्रकों की बेरोकटोक आवाजाही के लिए समर्पित ग्रीन कॉरिडोर की मांग की थी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 19 अगस्त को अपने पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि मामले पर कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है। प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए नबी ने कहा कि यह कश्मीर की बागवानी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मुद्दा है। हजारों बागवान अपने फलों को घाटी से बाहर बाजारों तक समय पर पहुंचाने पर निर्भर हैं। एनएच-44 पर किसी भी तरह की देरी से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि अगर प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर को सही तरीके से लागू किया जाता है तो इससे पूरे कश्मीर के फल उत्पादकों को बड़ी राहत मिलेगी और पीक सीजन में फलों से लदे ट्रकों की प्राथमिकता के आधार पर आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। नबी ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर में एनएच-44 के महत्वपूर्ण हिस्से, खासकर काजीगुंड और बनिहाल को शामिल किया जाना चाहिए और इसे फल सीजन के दौरान चालू रखा जाना चाहिए ताकि कश्मीर का फल बिना किसी देरी के देश के बाजारों तक पहुंच सके।
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