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Srinagar News: धार्मिक संस्थानों में जुमे के खुतबों के साझा विषय निर्धारित करने के लिए बनेगी कमेटी
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड ने चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। इस कमेटी में मुफ्तियों, इमामों और खतीबों को शामिल किया जाएगा। ये बोर्ड से संबद्ध दरगाहों, जामा मस्जिदों तथा अन्य धार्मिक संस्थानों में जुमे (शुक्रवार) के खुतबों के लिए साझा विषयों की पहचान कर उन्हें अंतिम रूप देंगे।
यह निर्णय शनिवार को श्रीनगर के सोनवार स्थित जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मौलानाओं, मुफ्तियों, इमामों और खतीबों की बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में वक्फ बोर्ड के सदस्य डॉ. गुलाम नबी हलीम और सैयद मोहम्मद हुसैन हक्कानी भी उपस्थित रहे। जम्मू संभाग के विभिन्न धार्मिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान धार्मिक विद्वानों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने तथा वक्फ बोर्ड से संबद्ध धार्मिक संस्थानों में जुमे के खुतबों के विषयों में एकरूपता बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित कोर कमेटी खुतबों के विषयों को पहले से अंतिम रूप देगी और उनके क्रियान्वयन के लिए संबंधित धार्मिक विद्वानों तक पहुंचाएगी।
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इन विषयों में इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप धार्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव, एकता तथा जनहित और सामुदायिक हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी ने इस बात पर जोर दिया कि जुमे के खुतबों के माध्यम से आम जनता तक रचनात्मक और सार्थक संदेश पहुंचाने के लिए धार्मिक विद्वानों के सामूहिक प्रयास और प्रभावी आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा ऐसे खुतबों को प्रोत्साहित करना है जो समाज में नैतिक जिम्मेदारी, एकता और सद्भाव को बढ़ावा दें।
बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख धार्मिक विद्वानों में मौलाना अब्दुल रशीद दाऊदी काबा मार्ग अनंतनाग, मौलाना रियाज-उल-हक नूराबादी असर शरीफ दरगाह हजरतबल, मौलाना अमीर-उद-दीन शाह मीरवाइज चरार-ए-शरीफ, मौलाना अब्दुल हमीद नईमी इमाम एवं खतीब जालडागर, मौलाना पीर हुसैन कादरी इमाम जामा मस्जिद सोनवार तथा मौलाना सैयद मुदस्सिर गिलानी इमाम एवं खतीब दस्तगीर साहिब (रहमतुल्लाह अलैह) खानयार शामिल थे।
इसके अतिरिक्त खतीब मौलाना फारूक नक्शबंदी जामा मस्जिद उमर रेल हेड जम्मू, मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी जामा मस्जिद तालाब खटीकां जम्मू, मुफ्ती मंजूर अहमद जामा मस्जिद सुंजवां जम्मू, मौलाना सैयद अहमद जामा मस्जिद मलिक मार्केट जम्मू, मुफ्ती मोहम्मद अशरफ मिस्बाही जामा मस्जिद रियासी, मौलाना फारूक मिस्बाही जामा मस्जिद पुंछ, मौलाना फारूक नक्शबंदी जामा मस्जिद ईदगाह राजोरी, मौलाना गुलाम मोहिउद्दीन जामा मस्जिद कोट रंका राजोरी और मौलाना गुलाम रसूल जामा मस्जिद सिटी राजोरी ने भी बैठक में भाग लिया।
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यह निर्णय शनिवार को श्रीनगर के सोनवार स्थित जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मौलानाओं, मुफ्तियों, इमामों और खतीबों की बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में वक्फ बोर्ड के सदस्य डॉ. गुलाम नबी हलीम और सैयद मोहम्मद हुसैन हक्कानी भी उपस्थित रहे। जम्मू संभाग के विभिन्न धार्मिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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बैठक के दौरान धार्मिक विद्वानों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने तथा वक्फ बोर्ड से संबद्ध धार्मिक संस्थानों में जुमे के खुतबों के विषयों में एकरूपता बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित कोर कमेटी खुतबों के विषयों को पहले से अंतिम रूप देगी और उनके क्रियान्वयन के लिए संबंधित धार्मिक विद्वानों तक पहुंचाएगी।
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इन विषयों में इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप धार्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव, एकता तथा जनहित और सामुदायिक हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी ने इस बात पर जोर दिया कि जुमे के खुतबों के माध्यम से आम जनता तक रचनात्मक और सार्थक संदेश पहुंचाने के लिए धार्मिक विद्वानों के सामूहिक प्रयास और प्रभावी आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा ऐसे खुतबों को प्रोत्साहित करना है जो समाज में नैतिक जिम्मेदारी, एकता और सद्भाव को बढ़ावा दें।
बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख धार्मिक विद्वानों में मौलाना अब्दुल रशीद दाऊदी काबा मार्ग अनंतनाग, मौलाना रियाज-उल-हक नूराबादी असर शरीफ दरगाह हजरतबल, मौलाना अमीर-उद-दीन शाह मीरवाइज चरार-ए-शरीफ, मौलाना अब्दुल हमीद नईमी इमाम एवं खतीब जालडागर, मौलाना पीर हुसैन कादरी इमाम जामा मस्जिद सोनवार तथा मौलाना सैयद मुदस्सिर गिलानी इमाम एवं खतीब दस्तगीर साहिब (रहमतुल्लाह अलैह) खानयार शामिल थे।
इसके अतिरिक्त खतीब मौलाना फारूक नक्शबंदी जामा मस्जिद उमर रेल हेड जम्मू, मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी जामा मस्जिद तालाब खटीकां जम्मू, मुफ्ती मंजूर अहमद जामा मस्जिद सुंजवां जम्मू, मौलाना सैयद अहमद जामा मस्जिद मलिक मार्केट जम्मू, मुफ्ती मोहम्मद अशरफ मिस्बाही जामा मस्जिद रियासी, मौलाना फारूक मिस्बाही जामा मस्जिद पुंछ, मौलाना फारूक नक्शबंदी जामा मस्जिद ईदगाह राजोरी, मौलाना गुलाम मोहिउद्दीन जामा मस्जिद कोट रंका राजोरी और मौलाना गुलाम रसूल जामा मस्जिद सिटी राजोरी ने भी बैठक में भाग लिया।