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Srinagar News: सुरु समर फेस्टिवल के समापन पर रोमांच और संस्कृति का शानदार संगम
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कारगिल। सुरु घाटी में आयोजित सुरु समर फेस्टिवल 2026 के दूसरे संस्करण का समापन रोमांच, संस्कृति, स्थानीय परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता के जीवंत उत्सव के साथ हुआ। फेस्टिवल में बड़ी संख्या में पर्यटकों और आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और साइक्लिंग सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। साहसिक गतिविधियों के शौकीनों को सुरु घाटी के शानदार प्राकृतिक दृश्यों के बीच रोमांचक अनुभव लेने का अवसर मिला।
फेस्टिवल में राफ्टिंग प्रमुख आकर्षण के रूप में सामने आई। प्रतिभागियों ने तेज बहाव वाली नदी की लहरों के बीच रोमांच का अनुभव किया और सुरु घाटी को एक अलग नजरिए से देखने का अवसर प्राप्त किया। वहीं, रॉक क्लाइम्बिंग और पैराग्लाइडिंग में भी लोगों ने काफी उत्साह दिखाया। साइक्लिंग गतिविधियों ने भी फेस्टिवल के रोमांचक कार्यक्रम में एक नया आयाम जोड़ा। फेस्टिवल स्थल पर आगंतुकों ने तीरंदाजी में भी हिस्सा लिया, जिससे पारंपरिक खेलों की झलक देखने को मिली।
फेस्टिवल के दूसरे दिन लेह के डैशुग्स बैंड, तुरतुक के इलियास खान और लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक गायकों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यटकों को लद्दाख की समृद्ध संगीत परंपरा और विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिला।
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फेस्टिवल परिसर में कई खाद्य, हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय लोगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और आय अर्जित करने का अवसर मिला। स्थानीय अंगूर की एक किस्म ‘हरिंगा’ भी फेस्टिवल में आकर्षण का केंद्र रही और इसकी अच्छी बिक्री हुई। स्थानीय उत्पादकों ने इसके पारंपरिक उपयोग और औषधीय गुणों के बारे में भी जानकारी दी।
फेस्टिवल में कारगिल क्षेत्र के पारंपरिक खान-पान और स्थानीय रीति-रिवाजों को भी विशेष महत्व दिया गया। आयोजकों ने क्षेत्र की स्थानीय परंपराओं, व्यंजनों और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
फेस्टिवल के बारे में जानकारी देते हुए लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, कारगिल के ताई सुरु निर्वाचन क्षेत्र के पार्षद अब्दुल हादी ने बताया कि अगले वर्ष फेस्टिवल में नए आकर्षण जोड़ने की योजना है। इनमें याक और ऊंट की सवारी भी शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष का फेस्टिवल पिछले संस्करण की तुलना में काफी बेहतर रहा है। साथ ही, क्षेत्र की परंपराओं, स्थानीय खान-पान और लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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फेस्टिवल में राफ्टिंग प्रमुख आकर्षण के रूप में सामने आई। प्रतिभागियों ने तेज बहाव वाली नदी की लहरों के बीच रोमांच का अनुभव किया और सुरु घाटी को एक अलग नजरिए से देखने का अवसर प्राप्त किया। वहीं, रॉक क्लाइम्बिंग और पैराग्लाइडिंग में भी लोगों ने काफी उत्साह दिखाया। साइक्लिंग गतिविधियों ने भी फेस्टिवल के रोमांचक कार्यक्रम में एक नया आयाम जोड़ा। फेस्टिवल स्थल पर आगंतुकों ने तीरंदाजी में भी हिस्सा लिया, जिससे पारंपरिक खेलों की झलक देखने को मिली।
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फेस्टिवल के दूसरे दिन लेह के डैशुग्स बैंड, तुरतुक के इलियास खान और लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक गायकों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यटकों को लद्दाख की समृद्ध संगीत परंपरा और विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिला।
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फेस्टिवल परिसर में कई खाद्य, हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय लोगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और आय अर्जित करने का अवसर मिला। स्थानीय अंगूर की एक किस्म ‘हरिंगा’ भी फेस्टिवल में आकर्षण का केंद्र रही और इसकी अच्छी बिक्री हुई। स्थानीय उत्पादकों ने इसके पारंपरिक उपयोग और औषधीय गुणों के बारे में भी जानकारी दी।
फेस्टिवल में कारगिल क्षेत्र के पारंपरिक खान-पान और स्थानीय रीति-रिवाजों को भी विशेष महत्व दिया गया। आयोजकों ने क्षेत्र की स्थानीय परंपराओं, व्यंजनों और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
फेस्टिवल के बारे में जानकारी देते हुए लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, कारगिल के ताई सुरु निर्वाचन क्षेत्र के पार्षद अब्दुल हादी ने बताया कि अगले वर्ष फेस्टिवल में नए आकर्षण जोड़ने की योजना है। इनमें याक और ऊंट की सवारी भी शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष का फेस्टिवल पिछले संस्करण की तुलना में काफी बेहतर रहा है। साथ ही, क्षेत्र की परंपराओं, स्थानीय खान-पान और लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।