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Srinagar News: श्रीनगर के स्कूलों में कामकाज व कर्मचारियों की उपस्थिति जांची
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श्रीनगर। स्कूल शिक्षा कश्मीर (एसईके) के निदेशक नसीर अहमद वानी ने शुक्रवार को श्रीनगर के कई स्कूलों में सुबह-सुबह औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल खुलने के पहले आधे घंटे के भीतर ही ये दौरे किए। इनका मुख्य मकसद समय की पाबंदी, अनुशासन और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करना था।
इन दौरों के दौरान निदेशक ने शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति पर बारीकी से नजर रखी और स्कूल खुलने के अहम समय के दौरान स्कूलों के कामकाज का जायजा लिया। उन्होंने लगभग उसी समय गवर्नमेंट मिडिल स्कूल आलूची बाग का दौरा किया जहां उन्होंने खुद स्टाफ की उपस्थिति जांची और बाद में सुबह की प्रार्थना में छात्रों के साथ शामिल हुए।
स्टाफ से बातचीत करते हुए निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूल खुलने के शुरुआती पल पूरे दिन का माहौल तय करते हैं इसलिए उनमें अनुशासन, समर्पण और एक मकसद की भावना झलकनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सुबह की सभाएं पूरे उत्साह के साथ आयोजित की जाएं जिनमें नैतिक और मूल्यों पर आधारित शिक्षा को एक जरूरी हिस्से के तौर पर शामिल किया जाए।
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वानी ने जोर देकर कहा कि सभी टीचिंग-लर्निंग गतिविधियां एक संगठित तरीके से और विभाग द्वारा तय किए गए एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार ही की जानी चाहिए। नियमित निगरानी के महत्व को दोहराते हुए निदेशक ने कश्मीर संभाग के सभी जोनल शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों का 100 प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित करें और बिना किसी चूक के निदेशक को साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करें।
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इन दौरों के दौरान निदेशक ने शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति पर बारीकी से नजर रखी और स्कूल खुलने के अहम समय के दौरान स्कूलों के कामकाज का जायजा लिया। उन्होंने लगभग उसी समय गवर्नमेंट मिडिल स्कूल आलूची बाग का दौरा किया जहां उन्होंने खुद स्टाफ की उपस्थिति जांची और बाद में सुबह की प्रार्थना में छात्रों के साथ शामिल हुए।
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स्टाफ से बातचीत करते हुए निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूल खुलने के शुरुआती पल पूरे दिन का माहौल तय करते हैं इसलिए उनमें अनुशासन, समर्पण और एक मकसद की भावना झलकनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सुबह की सभाएं पूरे उत्साह के साथ आयोजित की जाएं जिनमें नैतिक और मूल्यों पर आधारित शिक्षा को एक जरूरी हिस्से के तौर पर शामिल किया जाए।
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वानी ने जोर देकर कहा कि सभी टीचिंग-लर्निंग गतिविधियां एक संगठित तरीके से और विभाग द्वारा तय किए गए एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार ही की जानी चाहिए। नियमित निगरानी के महत्व को दोहराते हुए निदेशक ने कश्मीर संभाग के सभी जोनल शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों का 100 प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित करें और बिना किसी चूक के निदेशक को साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करें।