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अलगाववादियों के गढ़ लाल चौक से भाजपा ने निकाली मोटरसाइकिल तिरंगा रैली
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श्रीनगर। अलगाववादियों का गढ़ रहे लाल चौक से सोमवार को भाजपा ने कारगिल विजय दिवस का उत्सव मनाने के लिए मोटरसाइकिल पर तिरंगा रैली निकाली। लद्दाख के द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक तक के लिए मोटरसाइकिल रैली को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और बंगलूरू दक्षिण सीट से सांसद व भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कड़ी सुरक्षा के बीच लाल चौक के ऐतिहासिक घंटा घर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पूरे इलाके को सील कर दिया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा बल मौजूद थे।
सोमवार को लालचौक पर भाजपा नेताओं ने आजाद हिंदुस्तान जिंदाबाद, अखंड भारत जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस दौरान तिरंगा लहराते हुए देशभक्ति के गीत गाए गए। पुलिस ने बताया कि लगभग 300 मोटरसाइकिल इस रैली का हिस्सा थीं, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से भाजयुमो के सदस्यों ने भाग लिया। रैली का समापन विजय दिवस के अवसर पर मंगलवार को कारगिल युद्ध स्मारक पर होगा। ज्ञात हो कि कई राजनीतिक दलों ने पहले भी लाल चौक पर तिरंगा फ हराने सहित कुछ अन्य कार्यक्रम आयोजित किए हैं लेकिन यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक दल द्वारा कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस तरह की रैली का आयोजन किया गया।
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ड्रोन से नजर, रूट में परिवर्तन
सुरक्षा बलों ने घटना पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। रैली के मद्देनजर यातायात और सार्वजनिक आवाजाही को परिवर्तित किया गया था। शहर का यह केंद्र तत्कालीन राज्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों का गढ़ हुआ करता था। अलगाववादी आजादी की मांग को लेकर लाल चौक तक लोगों के मार्च का आह्वान करते थे।
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नेकां-पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर को बना दिया था आतंकवाद की राजधानी
- भाजपा महासचिव चुग बोले-मोदी ने पर्यटन की राजधानी बनाकर इसे प्रगति पथ पर लाया
श्रीनगर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला और मुफ्ती के जुड़वां परिवारों ने पिछले 70 साल से जम्मू-कश्मीर पर शासन किया। इसे आतंकवाद की राजधानी बना दिया था जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पर्यटन राजधानी बनाया और इसे प्रगति के पथ पर ले गए।
चुग ने कहा कि महबूबा मुफ्ती यहां से कुछ गज की दूरी पर रहती हैं। वह कहती थीं कि अगर आप अनुच्छेद 370 हटाते हैं तो तिरंगा फहराने के लिए हाथ नहीं मिलेंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि लाल चौक आएं और कश्मीर के निवासियों को तिरंगा पकड़े हुए देखें। हर व्यक्ति के दिल में एक तिरंगा होता है। अब्दुल्ला और मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दावा करते थे कि अनुच्छेद 370 को समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इसे संभव बनाया। कहा कि तीन परिवारों अब्दुल्ला और उनके बच्चे, मुफ्ती और उनके बच्चे और नेहरू और उनके बच्चों ने जम्मू-कश्मीर को लूट लिया। वह अभी भी गुपकार गठबंधन बनाकर इसे और अधिक लूटना चाहते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग अब उन्हें स्वीकार नहीं करते हैं। आज की मोटरसाइकिल रैली में देश के युवा मोदी के सपनों के भारत को एक शक्तिशाली भारत बनाने के लिए मार्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर 70 साल में आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन इन तीन परिवारों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई। कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया है।
भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी ने कहा कि उन्हें इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनकर गर्व महसूस हो रहा है। यह यात्रा कश्मीर के युवाओं द्वारा आयोजित की गई है। हम यहां इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बनने और इस संदेश को देश के कोने-कोने तक ले जाने के लिए आए हैं।
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कारगिल कैप्टन देश की 22 नदियों की
मिट्टी लेकर वार मेमोरियल रवाना
बारामुला। एक प्रसिद्ध कहावत है कि यह मत पूछो आपका देश आपके लिए क्या कर सकता है, यह पूछें कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं। इसकी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए कारगिल कैप्टन के नाम से मशहूर केसी भंडारी पिछले 22 वर्षों से कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कारगिल वार मेमोरियल पर पहुंच रहे हैं। इस बार भी अपनी टीम के साथ देश की 22 प्रमुख नदियों से मिट्टी लेकर यहां पहुंचे। बारामुला में झेलम दरिया से मिट्टी लेकर वह कारगिल वार मेमोरियल के लिए रवाना हो गए। जहां मंगलवार को वह कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इससे पहले सोमवार को कैप्टन भंडारी छह सदस्यीय टीम के साथ श्रीनगर से बारामुला के काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (किलो) के हैदरबेग स्थित राष्ट्रीय राइफल्स के मुख्यालय पहुंचे। उनकी टीम ने किलो मुख्यालय में स्टेशन कमांडर, ब्रिगेडियर आलोक दास के साथ एक संक्षिप्त मुलाकात की और झेलम दरिया से मिट्टी एकत्र की। कैप्टन ने कहा, बिना वर्दी पहने भी कोई देश के लिए बहुत कुछ कर सकता है। जब मैंने देश भर में यात्रा की और शहीदों के परिवारों से बातचीत की तो मुझे यही एहसास हुआ।
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सोमवार को लालचौक पर भाजपा नेताओं ने आजाद हिंदुस्तान जिंदाबाद, अखंड भारत जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस दौरान तिरंगा लहराते हुए देशभक्ति के गीत गाए गए। पुलिस ने बताया कि लगभग 300 मोटरसाइकिल इस रैली का हिस्सा थीं, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से भाजयुमो के सदस्यों ने भाग लिया। रैली का समापन विजय दिवस के अवसर पर मंगलवार को कारगिल युद्ध स्मारक पर होगा। ज्ञात हो कि कई राजनीतिक दलों ने पहले भी लाल चौक पर तिरंगा फ हराने सहित कुछ अन्य कार्यक्रम आयोजित किए हैं लेकिन यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक दल द्वारा कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस तरह की रैली का आयोजन किया गया।
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ड्रोन से नजर, रूट में परिवर्तन
सुरक्षा बलों ने घटना पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। रैली के मद्देनजर यातायात और सार्वजनिक आवाजाही को परिवर्तित किया गया था। शहर का यह केंद्र तत्कालीन राज्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों का गढ़ हुआ करता था। अलगाववादी आजादी की मांग को लेकर लाल चौक तक लोगों के मार्च का आह्वान करते थे।
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नेकां-पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर को बना दिया था आतंकवाद की राजधानी
- भाजपा महासचिव चुग बोले-मोदी ने पर्यटन की राजधानी बनाकर इसे प्रगति पथ पर लाया
श्रीनगर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला और मुफ्ती के जुड़वां परिवारों ने पिछले 70 साल से जम्मू-कश्मीर पर शासन किया। इसे आतंकवाद की राजधानी बना दिया था जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पर्यटन राजधानी बनाया और इसे प्रगति के पथ पर ले गए।
चुग ने कहा कि महबूबा मुफ्ती यहां से कुछ गज की दूरी पर रहती हैं। वह कहती थीं कि अगर आप अनुच्छेद 370 हटाते हैं तो तिरंगा फहराने के लिए हाथ नहीं मिलेंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि लाल चौक आएं और कश्मीर के निवासियों को तिरंगा पकड़े हुए देखें। हर व्यक्ति के दिल में एक तिरंगा होता है। अब्दुल्ला और मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दावा करते थे कि अनुच्छेद 370 को समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इसे संभव बनाया। कहा कि तीन परिवारों अब्दुल्ला और उनके बच्चे, मुफ्ती और उनके बच्चे और नेहरू और उनके बच्चों ने जम्मू-कश्मीर को लूट लिया। वह अभी भी गुपकार गठबंधन बनाकर इसे और अधिक लूटना चाहते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग अब उन्हें स्वीकार नहीं करते हैं। आज की मोटरसाइकिल रैली में देश के युवा मोदी के सपनों के भारत को एक शक्तिशाली भारत बनाने के लिए मार्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर 70 साल में आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन इन तीन परिवारों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई। कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया है।
भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी ने कहा कि उन्हें इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनकर गर्व महसूस हो रहा है। यह यात्रा कश्मीर के युवाओं द्वारा आयोजित की गई है। हम यहां इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बनने और इस संदेश को देश के कोने-कोने तक ले जाने के लिए आए हैं।
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कारगिल कैप्टन देश की 22 नदियों की
मिट्टी लेकर वार मेमोरियल रवाना
बारामुला। एक प्रसिद्ध कहावत है कि यह मत पूछो आपका देश आपके लिए क्या कर सकता है, यह पूछें कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं। इसकी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए कारगिल कैप्टन के नाम से मशहूर केसी भंडारी पिछले 22 वर्षों से कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कारगिल वार मेमोरियल पर पहुंच रहे हैं। इस बार भी अपनी टीम के साथ देश की 22 प्रमुख नदियों से मिट्टी लेकर यहां पहुंचे। बारामुला में झेलम दरिया से मिट्टी लेकर वह कारगिल वार मेमोरियल के लिए रवाना हो गए। जहां मंगलवार को वह कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इससे पहले सोमवार को कैप्टन भंडारी छह सदस्यीय टीम के साथ श्रीनगर से बारामुला के काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (किलो) के हैदरबेग स्थित राष्ट्रीय राइफल्स के मुख्यालय पहुंचे। उनकी टीम ने किलो मुख्यालय में स्टेशन कमांडर, ब्रिगेडियर आलोक दास के साथ एक संक्षिप्त मुलाकात की और झेलम दरिया से मिट्टी एकत्र की। कैप्टन ने कहा, बिना वर्दी पहने भी कोई देश के लिए बहुत कुछ कर सकता है। जब मैंने देश भर में यात्रा की और शहीदों के परिवारों से बातचीत की तो मुझे यही एहसास हुआ।