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कुलगाम में प्रादेशिक सेना के जवान का शव क्षत विक्षत मिला
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कुलगाम। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में एक क्षत-विक्षत शव पुलिस ने बरामद किया है। यह शव प्रादेशिक सेना के जवान शाकिर मंजूर वागे का बताया जा रहा है, जिसे पिछले वर्ष दो अगस्त को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। परिजनों ने उसकी शिनाख्त कर ली है। पुलिस ने डीएनए जांच के लिए नमूना भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, उसे सूचना मिली थी कि मोहम्मदपोरा इलाके में तिरपाल में लिपटा एक शव पड़ा है। पुलिस वहां पहुंची तो स्थानीय लोगों ने शव शाकिर का होने की आशंका जाहिर की। पुलिस ने शिनाख्त के लिए जवान के पिता मंजूर अहमद को बुलाया तो उसने दावा किया कि शव उसके बेटे का ही है जो दो अगस्त 2020 को लापता हो गया था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। शिनाख्त के लिए उसका नमूना डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया है। बताया जाता है कि शाकिर 2 अगस्त 2020 की रात घर से अपनी गाड़ी में किसी काम के लिए बाहर निकला था बाद में वह वापस नहीं लौटा। घर के लोगों ने शाकिर को रातभर ढूंढने की कोशिश की परंतु कोई पता नही चला। उसकी गाड़ी कुलगाम में एक स्थान पर जली हुई मिली थी।
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बेटे की तलाश में हर रोज फावड़ा लेकर निकलता था मंजूर
शाकिर के परिजन बताते हैं कि उसके लापता होने के बाद पिता मंजूर की हालत पागलों जैसी हो गई। जहां कहीं उसे पता चलता कि कोई अज्ञात मिला है वह बेटे की तलाश में वहां पहुंच जाता। वह फावड़ा लेकर कब्रिस्तानों में जाता था और कई बार अज्ञात लोगों की कब्रें भी खोद डालीं, हर बार वह खाली हाथ लौटा। बुधवार को सूचना मिलने पर पहुंचे शाकिर के पिता ने ही उसके शव की शिनाख्त की। उसके घर एक बार फिर मातम पसरा हुआ है। लोग आ रहे हैं और ढांढस बंधा रहे हैं। मंजूर का कहना है कि पिछले एक साल से उसके घर में रोज मातम होता था। सुबह-शाम घर में शाकिर की बात होती थी।
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पुलिस के अनुसार, उसे सूचना मिली थी कि मोहम्मदपोरा इलाके में तिरपाल में लिपटा एक शव पड़ा है। पुलिस वहां पहुंची तो स्थानीय लोगों ने शव शाकिर का होने की आशंका जाहिर की। पुलिस ने शिनाख्त के लिए जवान के पिता मंजूर अहमद को बुलाया तो उसने दावा किया कि शव उसके बेटे का ही है जो दो अगस्त 2020 को लापता हो गया था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। शिनाख्त के लिए उसका नमूना डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया है। बताया जाता है कि शाकिर 2 अगस्त 2020 की रात घर से अपनी गाड़ी में किसी काम के लिए बाहर निकला था बाद में वह वापस नहीं लौटा। घर के लोगों ने शाकिर को रातभर ढूंढने की कोशिश की परंतु कोई पता नही चला। उसकी गाड़ी कुलगाम में एक स्थान पर जली हुई मिली थी।
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बेटे की तलाश में हर रोज फावड़ा लेकर निकलता था मंजूर
शाकिर के परिजन बताते हैं कि उसके लापता होने के बाद पिता मंजूर की हालत पागलों जैसी हो गई। जहां कहीं उसे पता चलता कि कोई अज्ञात मिला है वह बेटे की तलाश में वहां पहुंच जाता। वह फावड़ा लेकर कब्रिस्तानों में जाता था और कई बार अज्ञात लोगों की कब्रें भी खोद डालीं, हर बार वह खाली हाथ लौटा। बुधवार को सूचना मिलने पर पहुंचे शाकिर के पिता ने ही उसके शव की शिनाख्त की। उसके घर एक बार फिर मातम पसरा हुआ है। लोग आ रहे हैं और ढांढस बंधा रहे हैं। मंजूर का कहना है कि पिछले एक साल से उसके घर में रोज मातम होता था। सुबह-शाम घर में शाकिर की बात होती थी।
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