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डल की सफाई उस स्तर पर नहीं हुई, गौरव बहाल करने में सभी करें सहयोग: उप राज्यपाल
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श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि डल झील की सफ ाई उस स्तर पर नहीं हुई है जितनी होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से इस झील के पुराने गौरव को बहाल करने में केंद्र शासित प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
उपराज्यपाल ने स्वच्छ भारत अभियान के स्वच्छता पखवाड़ा के तहत शनिवार को डल झील की सफ ाई और खर पतवार को निकालने के लिए 15 दिवसीय महाभियान की शुरुआत की। यह अभियान गांधी जयंती के दिन शुरू किया गया है।
कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पूर्व में डल झील को साफ करने की कोशिशों के इच्छित नतीजे अब तक नहीं आए हैं। यह सही है कि पूर्व में डल झील को साफ करने की कोशिश की गई, लेकिन यह उतनी स्वच्छ नहीं हुई जितनी होनी चाहिए थी। झील में खर-पतवार को निकालने के लिए कुछ मशीनें काम कर रही हैं, जिनमें से कुछ को हमने तैनात किया है और यह कार्य गत कुछ दिनों से चल रहा है।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उपराज्यपाल ने कहा, हम सभी ने स्वच्छता की शपथ ली है और केंद्र शासित प्रदेश में अगले 15 दिनों तक सफ ाई अभियान जारी रहेगा। हम स्वच्छता के उद्देश्य को तभी प्राप्त कर पाएंगे जब यहां के लोग हमारा सहयोग करें और हितधारक बनें। हम लोगों से अपील करते हैं कि डल झील सभी की है और हम सभी को इसका फ ायदा तभी मिलेगा जब यह स्वच्छ होगी। उन्होंने कहा कि मैं हर दूसरे दिन यहां आने की कोशिश करूंगा। मैं श्रीनगर के भाइयों और बहनों से इस स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेने की अपील करता हूं।
स्वच्छता की दिलाई शपथ
इससे पहले सिन्हा ने राजभवन और सिविल सचिवालय में केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 और अमृत 2.0 में स्वच्छ शहरी स्थान और पानी से सुरक्षित शहरों की कल्पना की गई है जिसके लिए मिशन मोड पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य योजनाओं को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। स्वच्छता पखवाड़ा को सफ ल बनाने में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने स्वच्छता अभियान के लिए झील, जल निकाय, स्कूल या सार्वजनिक महत्व के स्थानों को अपनाने जैसे नवीन विचारों पर काम करने का आग्रह किया।
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उपराज्यपाल ने स्वच्छ भारत अभियान के स्वच्छता पखवाड़ा के तहत शनिवार को डल झील की सफ ाई और खर पतवार को निकालने के लिए 15 दिवसीय महाभियान की शुरुआत की। यह अभियान गांधी जयंती के दिन शुरू किया गया है।
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कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पूर्व में डल झील को साफ करने की कोशिशों के इच्छित नतीजे अब तक नहीं आए हैं। यह सही है कि पूर्व में डल झील को साफ करने की कोशिश की गई, लेकिन यह उतनी स्वच्छ नहीं हुई जितनी होनी चाहिए थी। झील में खर-पतवार को निकालने के लिए कुछ मशीनें काम कर रही हैं, जिनमें से कुछ को हमने तैनात किया है और यह कार्य गत कुछ दिनों से चल रहा है।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उपराज्यपाल ने कहा, हम सभी ने स्वच्छता की शपथ ली है और केंद्र शासित प्रदेश में अगले 15 दिनों तक सफ ाई अभियान जारी रहेगा। हम स्वच्छता के उद्देश्य को तभी प्राप्त कर पाएंगे जब यहां के लोग हमारा सहयोग करें और हितधारक बनें। हम लोगों से अपील करते हैं कि डल झील सभी की है और हम सभी को इसका फ ायदा तभी मिलेगा जब यह स्वच्छ होगी। उन्होंने कहा कि मैं हर दूसरे दिन यहां आने की कोशिश करूंगा। मैं श्रीनगर के भाइयों और बहनों से इस स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेने की अपील करता हूं।
स्वच्छता की दिलाई शपथ
इससे पहले सिन्हा ने राजभवन और सिविल सचिवालय में केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 और अमृत 2.0 में स्वच्छ शहरी स्थान और पानी से सुरक्षित शहरों की कल्पना की गई है जिसके लिए मिशन मोड पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य योजनाओं को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। स्वच्छता पखवाड़ा को सफ ल बनाने में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने स्वच्छता अभियान के लिए झील, जल निकाय, स्कूल या सार्वजनिक महत्व के स्थानों को अपनाने जैसे नवीन विचारों पर काम करने का आग्रह किया।