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Srinagar News: संभाग की सीमाओं से बाहर निकला नशा तस्करी अभियान
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-अकेले कश्मीर संभाग पर कार्रवाई का प्रशासन ने दिया जवाब
-स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उठाए थे सवाल, भाजपा ने दिया था जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ जारी अभियान में कार्रवाई संभाग की सीमाओं से बाहर निकल आई है। अकेले कश्मीर संभाग में कार्रवाई की बात कहकर प्रशासन को घेरने वाले नेताओं को भी जवाब मिल गया है। नशा तस्करी के खिलाफ छिड़े अभियान को सियासी रंग देने की कवायद अब धीमी पड़ने की संभावना है।
दरअसल, प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ शुरू हुए अभियान को पीडीपी ने अकेले कश्मीर से जोड़कर बयान दिया था लेकिन अब यह कार्रवाई जम्मू संभाग के अलग-अलग जिलों में भी शुरू हो गई है। इनमें बड़ी कार्रवाई सांबा जिला में हुई है और यहां 60 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन से कब्जे हटाए गए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। हालांकि इससे पहले प्रदेश के दोनों संभाग में 2.25 करोड़ रुपये की संपत्ति या तो खाली करवाई गई या फिर संपत्ति को अटैच किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने नशा तस्करों के घरों को गिराने पर सवाल उठाए थे। कहा था कि तस्कर को पकड़ा जाता है तो यह आवश्यक नहीं कि संपत्ति उसके नाम पर ही हो। कई बार परिवार के नाम पर संपत्ति होती है और उसे गिरा दिया जाता है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नशा तस्करों के खिलाफ छिड़े अभियान को सिर्फ कश्मीर पर केंद्रित करने के आरोप लगाए थे। भाजपा प्रवक्ता साहिल बशीर ने पीडीपी पर अभियान को कमजोर करने का आरोप लगाया था। अब तस्करों के खिलाफ प्रदेश के दूसरे जिलों में भी कार्रवाई होने से राजनीतिक बयानबाजी पर इसका असर देखने को मिलेगा।
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शराब पर प्रतिबंध के संकेत, कैबिनेट में जाएगा मामला
जम्मू। प्रदेश में शराब बिक्री पर रोक लग सकती है। भाजपा और पीडीपी के विरोध और पार्टी के भीतर सुलगे स्वरों को देखते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसके संकेत दिए हैं। आगामी दिनों में शराब बिक्री पर रोक का मामला मंत्रिमंडल में जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल की सहमति के बाद विधानसभा में इसके खिलाफ विधेयक लाकर सरकार शराब बंद करने पर फैसला ले सकती है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने शुरूआत में शराब बंद होने के बाद प्रदेश को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई केंद्र से करने की बात कही थी। प्रदेश में 305 शराब की दुकानें हैं और यह सभी बंद होती हैं तो प्रदेश को दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ेगा।
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-स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उठाए थे सवाल, भाजपा ने दिया था जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ जारी अभियान में कार्रवाई संभाग की सीमाओं से बाहर निकल आई है। अकेले कश्मीर संभाग में कार्रवाई की बात कहकर प्रशासन को घेरने वाले नेताओं को भी जवाब मिल गया है। नशा तस्करी के खिलाफ छिड़े अभियान को सियासी रंग देने की कवायद अब धीमी पड़ने की संभावना है।
दरअसल, प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ शुरू हुए अभियान को पीडीपी ने अकेले कश्मीर से जोड़कर बयान दिया था लेकिन अब यह कार्रवाई जम्मू संभाग के अलग-अलग जिलों में भी शुरू हो गई है। इनमें बड़ी कार्रवाई सांबा जिला में हुई है और यहां 60 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन से कब्जे हटाए गए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। हालांकि इससे पहले प्रदेश के दोनों संभाग में 2.25 करोड़ रुपये की संपत्ति या तो खाली करवाई गई या फिर संपत्ति को अटैच किया गया।
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स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने नशा तस्करों के घरों को गिराने पर सवाल उठाए थे। कहा था कि तस्कर को पकड़ा जाता है तो यह आवश्यक नहीं कि संपत्ति उसके नाम पर ही हो। कई बार परिवार के नाम पर संपत्ति होती है और उसे गिरा दिया जाता है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नशा तस्करों के खिलाफ छिड़े अभियान को सिर्फ कश्मीर पर केंद्रित करने के आरोप लगाए थे। भाजपा प्रवक्ता साहिल बशीर ने पीडीपी पर अभियान को कमजोर करने का आरोप लगाया था। अब तस्करों के खिलाफ प्रदेश के दूसरे जिलों में भी कार्रवाई होने से राजनीतिक बयानबाजी पर इसका असर देखने को मिलेगा।
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शराब पर प्रतिबंध के संकेत, कैबिनेट में जाएगा मामला
जम्मू। प्रदेश में शराब बिक्री पर रोक लग सकती है। भाजपा और पीडीपी के विरोध और पार्टी के भीतर सुलगे स्वरों को देखते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसके संकेत दिए हैं। आगामी दिनों में शराब बिक्री पर रोक का मामला मंत्रिमंडल में जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल की सहमति के बाद विधानसभा में इसके खिलाफ विधेयक लाकर सरकार शराब बंद करने पर फैसला ले सकती है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने शुरूआत में शराब बंद होने के बाद प्रदेश को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई केंद्र से करने की बात कही थी। प्रदेश में 305 शराब की दुकानें हैं और यह सभी बंद होती हैं तो प्रदेश को दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ेगा।