{"_id":"6abad1fa11bcf82bd30eb15a","slug":"jammu-and-kashmir-news-srinagar-news-c-10-1-agr1010-1025235-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: फिल्म महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की हुई अनदेखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: फिल्म महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की हुई अनदेखी
विज्ञापन
कश्मीर फिल्म उद्योग के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से की मुलाकात
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर फिल्म उद्योग के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से पार्टी मुख्यालय में मुलाकात की। कश्मीर वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक एवं निदेशक मुश्ताक अली अहमद खान के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय फिल्म जगत से जुड़ी गंभीर समस्याओं और प्रशासन के कथित असहयोग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। मुश्ताक अली ने फिल्म महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकारी खजाने से भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने के बावजूद इस आयोजन में कश्मीर के एक भी स्थानीय फिल्म पेशेवर को शामिल नहीं किया गया। स्थानीय कलाकारों को दरकिनार किए जाने से क्षेत्रीय कला जगत में मायूसी और नाराजगी है। कलाकारों का कहना है कि पिछले 9 वर्षों से व्यक्तिगत प्रयासों और त्याग से खड़े किए गए एक स्थापित मंच को समर्थन देने के बजाय सरकार ने बिना किसी पूर्व अनुभव के भारी खर्च कर समानांतर आयोजन खड़ा कर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हाल ही में संपन्न हुए सरकारी फिल्म महोत्सव पर खर्च की गई राशि का पूर्ण ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। सरकार केडब्ल्यूएफएफ जैसी पूर्व से स्थापित और विश्वसनीय संस्थाओं को मजबूत कर उन्हें संस्थागत सहयोग प्रदान करे। भविष्य में होने वाले फिल्म महोत्सवों की कमान पेशेवर विशेषज्ञों को सौंपी जाए। स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जाए। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों के साथ हुआ यह व्यवहार चिंताजनक है। वे इस मुद्दे को हर उचित मंच पर पूरी मजबूती के साथ उठाएंगी। प्रतिनिधिमंडल में जमीर अशई, जीएम वानी, हुसैन खान, हसन जावेद और आरिफ जीशान सहित घाटी के कई जाने-माने कलाकार व फिल्म पेशेवर शामिल थे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर फिल्म उद्योग के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से पार्टी मुख्यालय में मुलाकात की। कश्मीर वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक एवं निदेशक मुश्ताक अली अहमद खान के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय फिल्म जगत से जुड़ी गंभीर समस्याओं और प्रशासन के कथित असहयोग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। मुश्ताक अली ने फिल्म महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकारी खजाने से भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने के बावजूद इस आयोजन में कश्मीर के एक भी स्थानीय फिल्म पेशेवर को शामिल नहीं किया गया। स्थानीय कलाकारों को दरकिनार किए जाने से क्षेत्रीय कला जगत में मायूसी और नाराजगी है। कलाकारों का कहना है कि पिछले 9 वर्षों से व्यक्तिगत प्रयासों और त्याग से खड़े किए गए एक स्थापित मंच को समर्थन देने के बजाय सरकार ने बिना किसी पूर्व अनुभव के भारी खर्च कर समानांतर आयोजन खड़ा कर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हाल ही में संपन्न हुए सरकारी फिल्म महोत्सव पर खर्च की गई राशि का पूर्ण ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। सरकार केडब्ल्यूएफएफ जैसी पूर्व से स्थापित और विश्वसनीय संस्थाओं को मजबूत कर उन्हें संस्थागत सहयोग प्रदान करे। भविष्य में होने वाले फिल्म महोत्सवों की कमान पेशेवर विशेषज्ञों को सौंपी जाए। स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जाए। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों के साथ हुआ यह व्यवहार चिंताजनक है। वे इस मुद्दे को हर उचित मंच पर पूरी मजबूती के साथ उठाएंगी। प्रतिनिधिमंडल में जमीर अशई, जीएम वानी, हुसैन खान, हसन जावेद और आरिफ जीशान सहित घाटी के कई जाने-माने कलाकार व फिल्म पेशेवर शामिल थे।
विज्ञापन