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Srinagar News: पांपोर में मनाई माता लल्लेश्वरी की 705वीं जयंती
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पुलवामा में माता लल्लेश्वरी की पूजा। स्रोत आयोजक
- मुसलमानों ने कश्मीरी पंडितों के साथ मिलकर उत्सव मनाया
अमर उजाला ब्यूरो
पुलवामा। कश्मीरी संत माता लल्लेश्वरी (जिन्हें लल देद के नाम से जाना जाता है) की 705वीं जयंती पांपोर के सेडेश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इसमें कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से लगभग 350 भक्तों ने भाग लिया।
उत्सव ने भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को प्रदर्शित किया, जिसमें स्थानीय मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कश्मीरी पंडित भक्तों के साथ मिलकर धार्मिक कार्यक्रम की व्यवस्था करने में सहयोग दिया। वार्षिक उत्सव का आयोजन पांपोर की केसर भूमि में ऐतिहासिक स्थल पर किया गया, जहां भक्तों ने कश्मीर की सबसे पूजनीय शैव रहस्यवादियों में से एक लल्लेश्वरी को श्रद्धांजलि दी। स्थल से जुड़ी परंपरा के अनुसार, माता लल्लेश्वरी ने वर्षों तक गहन आध्यात्मिक अभ्यास और साधना की और अपने गुरु, श्रीकंठ सेडमोल से आध्यात्मिक मार्गदर्शन और गुरु मंत्र प्राप्त किया। विशेष प्राण प्रतिष्ठा और शिव स्थापना समारोह हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक कार्यकर्ता रवि भट्ट और स्थानीय कारसेवक दया कृष्ण भट्ट ने किया। रवि ने लल्लेश्वरी के आध्यात्मिक महत्व और पंपोर क्षेत्र की समृद्ध पवित्र विरासत पर प्रकाश डाला। इस मौके पर कर्नल टी. श्रीनिवासुलु, सुनील पंडित मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पुलवामा। कश्मीरी संत माता लल्लेश्वरी (जिन्हें लल देद के नाम से जाना जाता है) की 705वीं जयंती पांपोर के सेडेश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इसमें कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से लगभग 350 भक्तों ने भाग लिया।
उत्सव ने भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को प्रदर्शित किया, जिसमें स्थानीय मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कश्मीरी पंडित भक्तों के साथ मिलकर धार्मिक कार्यक्रम की व्यवस्था करने में सहयोग दिया। वार्षिक उत्सव का आयोजन पांपोर की केसर भूमि में ऐतिहासिक स्थल पर किया गया, जहां भक्तों ने कश्मीर की सबसे पूजनीय शैव रहस्यवादियों में से एक लल्लेश्वरी को श्रद्धांजलि दी। स्थल से जुड़ी परंपरा के अनुसार, माता लल्लेश्वरी ने वर्षों तक गहन आध्यात्मिक अभ्यास और साधना की और अपने गुरु, श्रीकंठ सेडमोल से आध्यात्मिक मार्गदर्शन और गुरु मंत्र प्राप्त किया। विशेष प्राण प्रतिष्ठा और शिव स्थापना समारोह हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक कार्यकर्ता रवि भट्ट और स्थानीय कारसेवक दया कृष्ण भट्ट ने किया। रवि ने लल्लेश्वरी के आध्यात्मिक महत्व और पंपोर क्षेत्र की समृद्ध पवित्र विरासत पर प्रकाश डाला। इस मौके पर कर्नल टी. श्रीनिवासुलु, सुनील पंडित मौजूद रहे।

पुलवामा में माता लल्लेश्वरी की पूजा। स्रोत आयोजक
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