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Srinagar News: कंडी नटनूसा में कचरा प्रबंधन संयंत्र की बदहाली से लोग परेशान
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प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। कंडी नटनूसा और आसपास के दो-तीन गांवों के बीच स्थापित कचरा प्रबंधन संयंत्र के कुप्रबंधन को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए लगाई गई मशीनरी काम नहीं कर रही है, जिससे क्षेत्र का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासी आसिफ अहमद ने बताया कि सरकार ने संयंत्र की स्थापना पर भारी धनराशि खर्च की है, लेकिन इसके बावजूद संयंत्र पूरी तरह चालू नहीं किया गया है। नतीजतन, कचरे को खुले में ही डंप किया जा रहा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध और धुआं आसपास के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ स्थानीय बागवानी क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालात तब और गंभीर हो गए जब कुछ दिन पहले देर रात इस डंपिंग साइट पर भीषण आग लग गई। लपटों पर काबू पाने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा कर्मियों के साथ सेना की दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा। कचरे के ढेरों में लगी यह आग करीब दो दिनों तक सुलगती रही, जिससे चारों तरफ धुआं फैल गया और वायु प्रदूषण के चलते लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। कंडी नटनूसा और आसपास के दो-तीन गांवों के बीच स्थापित कचरा प्रबंधन संयंत्र के कुप्रबंधन को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए लगाई गई मशीनरी काम नहीं कर रही है, जिससे क्षेत्र का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासी आसिफ अहमद ने बताया कि सरकार ने संयंत्र की स्थापना पर भारी धनराशि खर्च की है, लेकिन इसके बावजूद संयंत्र पूरी तरह चालू नहीं किया गया है। नतीजतन, कचरे को खुले में ही डंप किया जा रहा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध और धुआं आसपास के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ स्थानीय बागवानी क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालात तब और गंभीर हो गए जब कुछ दिन पहले देर रात इस डंपिंग साइट पर भीषण आग लग गई। लपटों पर काबू पाने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा कर्मियों के साथ सेना की दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा। कचरे के ढेरों में लगी यह आग करीब दो दिनों तक सुलगती रही, जिससे चारों तरफ धुआं फैल गया और वायु प्रदूषण के चलते लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
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