J&K New Government: बुधवार को ही शपथ ग्रहण क्यों, जानें क्या है उमर अब्दुल्ला का प्लान, एलजी के समक्ष दावा पेश
जम्मू-कश्मीर में नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी, उमर अब्दुल्ला ने उप राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया और शपथ ग्रहण बुधवार को संभव है।
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की पहली सरकार का शपथ ग्रहण बुधवार को संभव है। यह इशारा नेकां विधायक दल के नेता उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को राजभवन में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद किया।कांग्रेस की ओर से समर्थन देने के कुछ घंटों बाद सिन्हा के साथ मुलाकात के दौरान अब्दुल्ला ने गठबंधन सहयोगियों की ओर से समर्थन पत्र प्रस्तुत किए। राजभवन से लौटने के बाद अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने एलजी से नई सरकार के शपथ ग्रहण की तिथि जल्द तय करने का अनुरोध किया है। नेकां, कांग्रेस, सीपीआई(एम), आप और निर्दलीय विधायकों के समर्थन पत्र प्रस्तुत किए।
उन्होंने कहा, शपथ समारोह बुधवार को होने की संभावना है। इस प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा। ऐसा नहीं है कि एक निर्वाचित सरकार दूसरी निर्वाचित सरकार की जगह ले रही है। यहां केंद्र का शासन है। हम एक केंद्र शासित प्रदेश हैं और एलजी को दस्तावेज तैयार करके राष्ट्रपति भवन भेजना है।
उमर ने कहा, राष्ट्रपति भवन से दस्तावेज गृह मंत्रालय जाएंगे, जहां वे अपनी कागजी कार्रवाई करेंगे और फिर दस्तावेज वापस भेजे जाएंगे। हमें बताया गया है कि इसमें कम से कम दो-तीन दिन लगेंगे। अगर प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाती है तो शपथ समारोह बुधवार को होगा।कांग्रेस हाईकमान पर विधायक दल का नेता चुनने का फैसला छोड़ा
यह पूछे जाने पर कि क्या इंडिया गठबंधन के किसी नेता को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया जाएगा, अब्दुल्ला ने कहा कि नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला यह देखेंगे। उन्होंने कहा, फारूक अब्दुल्ला इंडिया गठबंधन के नेता हैं और अगर कोई निमंत्रण होगा तो उनके नाम पर भेजा जाएगा। उमर ने कहा, जिन लोगों को मुझे आमंत्रित करना है मैं उन्हें कल निमंत्रण भेजूंगा। गठबंधन सहयोगी द्वारा मंत्री पद की मांग के बारे में पूछे जाने पर नेकां नेता ने कहा कि इस तरह की चर्चाएं होती रहती हैं, क्योंकि पार्टियां मिलकर सरकार बना रही हैं। हमें उनका समर्थन पत्र मिला है। हमने आंतरिक चर्चा की है।जम्मू की नहीं होगी अनदेखी
सरकार गठन के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा नेकां को समर्थन देने के बारे में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि केवल वे लोग ही उनका समर्थन कर रहे हैं, जो पहले पार्टी का हिस्सा थे। उन्होंने कहा, कुछ को छोड़कर ये वही लोग हैं जिन्हें गठबंधन के कारण टिकट नहीं मिल सका और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। हम उनके समर्थन का स्वागत करते हैं। उन्हें लोगों के वोट मिले हैं, क्योंकि लोग उनसे अपना काम करने की उम्मीद रखते हैं और अब उनका हाथ थामना मेरा कर्तव्य है। जम्मू की अनदेखी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है।
इल्तिजा गुंडागर्दी के सबूत करें पेश
इल्तिजा मुफ्ती की ओर से नेकां कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी के आरोप लगाने पर उमर ने कहा, इसमें मुझे कुछ नहीं कहना। अगर किसी तरह का सबूत है तो इल्तिजा पेश करें। जिनके खिलाफ आरोप लगे हैं, वे तो उनके खिलाफ अब मानहानि का मामला दर्ज करने जा रहे हैं। अब यह अदालत को फैसला करने दीजिए कौन सही है, कौन गलत।
उमर दूसरी बार संभालेंगे प्रदेश की कमानउमर दूसरी बार प्रदेश की कमान संभालेंगे। उन्हें वीरवार को सर्वसम्मति से नेकां विधायक दल का नेता चुना गया था। मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल 2009 से 2014 तक नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में भी था। इस बार नेकां ने 90 में से 42 सीटें जीतीं हैं, जबकि गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने छह सीटें जीतीं। हालांकि दोनों दलों के पास 90 सदस्यीय सदन में बहुमत है, लेकिन चार निर्दलीय और एकमात्र आप विधायक ने भी नेकां को अपना समर्थन दिया है।