Srinagar: कश्मीरी पंडितों को धमकियों पर गरमाई सियासत, फारूक ने एलजी से मांगा जवाब
फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों को धमकियों को लेकर एलजी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा रोकने की साजिश बताया।
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इन धमकियों के पीछे एक साजिश हो सकती है, जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने से रोकना है।
धमकियां कौन दे रहा है, इसका जवाब दें एलजी
अनंतनाग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने सवाल उठाया कि अगर कश्मीरी पंडितों को धमकियां दी जा रही हैं तो घाटी में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसी धमकियों का सामना क्यों नहीं करना पड़ रहा। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इन धमकियों के स्रोत को स्पष्ट करने की मांग की।
फारूक अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में डर का माहौल बनाया जा रहा है और इसके पीछे राज्य का दर्जा बहाल न करने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश और दुनिया में जम्मू-कश्मीर में शांति लौटने की बात करती है, ऐसे में इन धमकियों के पीछे कौन है, इसका जवाब मिलना चाहिए।
राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे पर उठाए सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने परिसीमन, विधानसभा चुनाव और उसके बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और बिजनेस रूल्स को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन मिला था। फारूक ने सवाल किया कि जनवरी में दिए गए आश्वासन के बाद अब सितंबर आ गया है, लेकिन स्थिति में बदलाव क्यों नहीं हुआ।
अनुच्छेद 370 को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना
फारूक अब्दुल्ला ने बिना नाम लिए पीडीपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने भाजपा का साथ देकर अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने में मदद की, वही अब जनता के सामने इन्हें बहाल करने और राज्य का दर्जा देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को भ्रमित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और राजनीतिक दलों को अपने पुराने रुख के बारे में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
हम दबने वाले नहीं
श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुश्किल दौर से गुजर रहा है लेकिन उनकी पार्टी दबाव में झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने घोषणापत्र पर कायम है और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद जनता के हित में काम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री खुद जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोग क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना प्रधानमंत्री का ही वादा है और अब उसे पूरा किया जाना चाहिए।