फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   jammu kashmir news

भाजपा को सुरक्षा और हमारे नेताओं को घसीटा गया: श्रीनगर में प्रदर्शनों पर पुलिस के 'दोहरे रवैये' पर भड़के सीएम

विज्ञापन
jammu kashmir news
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पुलिस और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि श्रीनगर में भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन ने साफ तौर पर ''''दोहरा रवैया'''' अपनाया। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासन ने भाजपा के मार्च को सुरक्षा देकर रास्ता मुहैया कराया, जबकि भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़ रहे नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं व चुने हुए प्रतिनिधियों को बेरहमी से दबाया, घसीटा और चोटिल किया, जिसके चलते कई कार्यकर्ताओं को अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
विज्ञापन

श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से दोनों प्रदर्शनों की झूठी तुलना न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के हालात यह हैं कि अगर कोई मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना चाहे या सचिवालय घेरने निकले तो उसे पूरी इजाजत और सुरक्षा दी जाती है लेकिन अगर कोई खुदा-न-खास्ता भाजपा दफ्तर के बाहर वैध विरोध दर्ज कराना चाहे तो उसे रोक दिया जाता है। उन्होंने तंज कसा कि ऐसा लगता है मानो पुलिस सिर्फ भाजपा की साख बचाने के लिए तैनात है और उसे किसी दूसरी बात की परवाह नहीं है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया ने खुद देखा कि भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को विपक्ष के नेता (एलओपी) का इंटरव्यू लेने में कितनी सहूलियत मिल रही थी और पुलिस भाजपा नेताओं को बाकायदा एस्कॉर्ट कर रही थी। दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस का मार्च जब राजबाग से जवाहर नगर स्थित भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़ रहा था तो उसे बलपूर्वक रोक दिया गया। वहीं, दूसरी ओर भाजपा ने लाल चौक से नागरिक सचिवालय की तरफ मार्च निकाला और पुलिस द्वारा जहांगीर चौक पर रोके जाने के बावजूद उनका एक प्रतिनिधिमंडल सचिवालय के बेहद करीब तक पहुंचने में कामयाब रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा द्वारा राज्य के दर्जे पर नए जनादेश और इस्तीफे की मांग पर पलटवार करते हुए उमर ने साफ कहा कि उनके पद छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने पूछा, ''''मैं इस्तीफा क्यों दूं। क्या हम यह मान लें कि केंद्र की इस सरकार को राज्य का दर्जा देने की कोई मंशा ही नहीं है। अगर ऐसा है तो केंद्र सरकार खुद खुलकर यह बात क्यों नहीं कहती। अगर वे संविधान की धज्जियां उड़ाने, सुप्रीम कोर्ट और संसद का अनादर करने और मोदी के वादे को झूठा साबित करने पर आमादा हैं तो ऐसा करें। मैं सिर्फ नेता प्रतिपक्ष को खुश करने के लिए इस्तीफा नहीं देने वाला। जनता ने हमें पांच साल का स्पष्ट जनादेश दिया है और पांच साल पूरे होने पर हम जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखेंगे।

''''उल्टा चोर कोतवाल को डांटे''''
भाजपा द्वारा सरकार पर बैकडोर भर्तियों और अनियमितताओं के लगाए जा रहे आरोपों को उमर ने ''''उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'''' करार दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए पूछा कि विपक्ष बताए कि किस जांच एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि की है। उमर ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), क्राइम ब्रांच, सीआईडी और केंद्रीय एजेंसियां निर्वाचित सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं। अगर कोई धांधली हुई थी, तो इसकी जांच किस एजेंसी ने की और एफआईआर कहां दर्ज है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे अपनी पिछली गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed