ओल्ड पेंशन स्कीम पर उमर सरकार का फैसला: 2009 से पहले की भर्ती वालों को राहत, इन कर्मचारियों को मिलेगा मौका
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 24 दिसंबर 2009 से पहले निकली भर्ती के तहत नियुक्त, लेकिन बाद में नौकरी ज्वाइन करने वाले पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) चुनने का एक बार मौका दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर सरकार ने उन कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) में जाने का मौका दिया है जिनकी नियुक्ति 24 दिसंबर 2009 से पहले हो गई थी, लेकिन उन्होंने नौकरी बाद में जॉइन की। सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई।
सरकार के आदेश के अनुसार 24 दिसंबर 2009 से पहले निकली भर्ती के तहत नियुक्त और बाद में एनपीएस में नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारी ओपीएस का विकल्प चुन सकेंगे। यह मौका एक बार ही मिलेगा। प्रदेश में इस समय एनपीएस के तहत करीब 1.30 लाख कर्मचारी पंजीकृत हैं। हालांकि, इस फैसले का लाभ केवल तय शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मिलेगा।
तीन महीने में देना होगा विकल्प
- पात्र कर्मचारियों को एनपीएस छोड़कर ओपीएस अपनाने के लिए आदेश जारी होने के तीन महीने के भीतर अपना विकल्प देना होगा।
- एक बार ओपीएस चुनने के बाद इसे बदला नहीं जा सकेगा। तय समय में विकल्प नहीं देने वाले कर्मचारी एनपीएस में ही बने रहेंगे।
हजारों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार ने नई पेंशन योजना लागू होने से पहले नियुक्त कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन का लाभ देने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री
सरकार के फैसले का स्वागत, कर्मियों के लिए है बड़ा माैका : एसोसिएशन
एनपीएस एसोसिएशन सरकार के फैसले का स्वागत करता है। करीब दो साल से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह बड़ा मौका है। हालांकि, सरकार को जनवरी 2009 से पहले नियुक्त आरईटी शिक्षकों के लिए भी ऐसा फैसला लेना चाहिए। रहबरे तालीम योजना के तहत इन शिक्षकों की भर्ती 2005 में हुई थी, लेकिन उन्हें एनपीएस में रखा गया। केंद्र सरकार को भी देशभर में ओल्ड पेंशन बहाल करनी चाहिए। -रफीक मलिक, प्रदेश अध्यक्ष, एनपीएस एसोसिएशन
करीब दो साल से था इंतजार
कर्मचारी इस फैसले का करीब दो साल से इंतजार कर रहे थे। केंद्र सरकार ने पहले एनपीएस लागू होने के दौरान नियुक्त हुए कर्मचारियों को एक बार ओपीएस में जाने का मौका देने का फैसला किया था। इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भी भेजे गए थे। जम्मू-कश्मीर को भी यह पत्र मिला था, लेकिन वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण फैसला नहीं हो पाया था। अब कैबिनेट ने इस व्यवस्था को लागू करने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मंत्री जावेद अहमद राणा, सकीना इत्तू, जाविद अहमद डार, सतीश शर्मा व मुख्य सचिव अटल डुल्लू मौजूद रहे।