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Vande Bharat: हाई-स्पीड ट्रेन... हाई-टेक सुविधाओं की दरकार; वंदे भारत में यात्रियों को अब चाहिए डिजिटल सुविधा
Sun, 15 Jun 2025 03:16 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 15 Jun 2025 03:16 PM IST
सार
कटड़ा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन सुरंगों के कारण नेटवर्क कनेक्टिविटी और अनाउंसमेंट की कमी को लेकर यात्रियों ने सुधार की मांग की है।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाल ही में शुरू हुई कटड़ा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 7 जून से शुरू हुई इस हाई-स्पीड सेवा में अब तक 30,000 से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। अगले 15 दिनों के लिए ट्रेन की सभी सीटें बुक हैं। मगर यात्रियों ने मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी, ट्रेन में वाई-फाई सुविधा और पुलों-सुरंगों की अनाउंसमेंट की मांग की है।महज तीन घंटे में 272 किलोमीटर की यात्रा तय करने वाली यह ट्रेन चिनाब और अंजी पुल जैसे इंजीनियरिंग चमत्कारों से होकर गुजरती है, जिससे यह सफर और भी रोमांचक बन जाता है। हालांकि यात्रियों का कहना है कि इस यादगार सफर को और बेहतर बनाया जा सकता है।
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सुरंगों में मोबाइल नेटवर्क की कमी से यात्रियों को परेशानी
हरियाणा से आए यात्री अक्षय ने कहा कि ट्रेन आधुनिक और आरामदायक है, लेकिन सुरंगों के कारण बनिहाल से अंजी ब्रिज के बीच मोबाइल नेटवर्क नहीं रहता।उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में कनेक्टिविटी जरूरी है। भविष्य में ट्रेन को वाई-फाई या बेहतर तकनीक से लैस किया जाए।
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उन्होंने बताया कि पूरे 191 किलोमीटर के सफर में 119 किलोमीटर सुरंगों से होकर गुजरता है। बडगाम के आरिफ अहमद ने चिनाब पुल पर सफर को अभूतपूर्व अनुभव बताया।उन्होंने कहा कि ट्रेन जब चिनाब पुल से गुजरती है, तो दृश्य रोमांचकारी होता है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जो 359 मीटर ऊंचा और 1315 मीटर लंबा है। उन्होंने सुझाव दिया कि रेलवे को ऐसे ऐतिहासिक पुलों और सुरंगों के बारे में यात्रा के दौरान अनाउंसमेंट करना चाहिए ताकि लोग उन्हें जान सकें और वक्त रहते सतर्क होकर दृश्य का आनंद ले सकें।
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वंदे भारत में मिल रही हैं आधुनिक और सुरक्षित सुविधाएं
वंदे भारत एक्सप्रेस में आधुनिक सुविधाएं हैं। इसमें स्वचालित दरवाजे, सुरक्षा कर्मी और उन्नत सुरक्षा तंत्र है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। ट्रेन को कश्मीर की ठंडी जलवायु में संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। 6 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू की गई इस सेवा के शुरू होने से जम्मू-कश्मीर का सबसे दुर्गम हिस्सा अब देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ गया है।
943 पुल और 36 सुरंगों से होकर गुजरता मार्ग
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के तहत तैयार यह मार्ग 43,780 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसमें 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। इस परियोजना का उद्देश्य घाटी को सालभर हर मौसम में रेल सेवा से जोड़ना और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
वंदे भारत एक्सप्रेस में आधुनिक सुविधाएं हैं। इसमें स्वचालित दरवाजे, सुरक्षा कर्मी और उन्नत सुरक्षा तंत्र है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। ट्रेन को कश्मीर की ठंडी जलवायु में संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। 6 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू की गई इस सेवा के शुरू होने से जम्मू-कश्मीर का सबसे दुर्गम हिस्सा अब देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ गया है।
943 पुल और 36 सुरंगों से होकर गुजरता मार्ग
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के तहत तैयार यह मार्ग 43,780 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसमें 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। इस परियोजना का उद्देश्य घाटी को सालभर हर मौसम में रेल सेवा से जोड़ना और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।