Rajnath Singh Arrives Srinagar: श्रीनगर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गलवान हिंसा के शहीदों को किया याद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर जम्मू कश्मीर पहुंचे हैं। पहले दिन वह एलओसी का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इसके बाद वह महाराजा गुलाब सिंह के 200वें राज्याभिषेक समारोह में शामिल होंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवारो को श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे। वे जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे आए हैं। पहले दिन 16 जून को वे कश्मीर में अग्रिम इलाकों में जाकर एलओसी पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेंगे। साथ ही घाटी में सुरक्षा हालात की समग्र समीक्षा करेंगे।
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गलवान घाटी हिंसा के वीर शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा, 'देश के सम्मान के लिए वीरतापूर्वक लड़ने और 15-16 जून 2020 को अपने प्राणों की आहुति देने वाले गलवान घाटी के वीरों को नमन करता हूं। उनके साहस, बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।'
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री बारामूला और कुपवाड़ा सेक्टर के अग्रिम इलाकों का दौरा करेंगे। इसके बाद शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक करेंगे और फिर उनकी जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बैठक होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर जम्मू कश्मीर पहुंचे हैं। पहले दिन वह एलओसी का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इसके बाद वह महाराजा गुलाब सिंह के 200वें राज्याभिषेक समारोह में शामिल होंगे।
15 जून 2020 को हुआ था गलवान संघर्ष
15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच सैन्य संघर्ष हुआ था। इसके पहले एक मई 2020 को दोनों देशों के सैनिकों के बीच पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट पर झड़प हुई थी। गलवान संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, वहीं, चीन ने यह नहीं बताया था कि उसके कितने सैनिकों की मौत हुई। हालांकि, इसके बाद फरवरी 2021 में चीन ने गलवान घाटी झड़प में मरने वाले अपने चार सैनिकों को मरणोपरांत मेडल देने की घोषणा की। अपुष्ट सूत्रों ने चीनी सैनिकों की मृतक संख्या 50 से ज्यादा बताई थी।