J&K: ऑनलाइन कट्टरपंथ पर नकेल, CIK की सशक्त कार्रवाई जारी, एक महिला समेत 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया
कश्मीर घाटी में काउंटर इंटेलिजेंस (सीआईके) ने ऑनलाइन आतंकवाद और डिजिटल कट्टरपंथ फैलाने वाले नेटवर्क पर छापेमारी कर एक महिला समेत 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया। कार्रवाई में मोबाइल, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिससे आगे की जांच और आतंकवादी नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है।
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ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क पर व्यापक कार्रवाई करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने रविवार को कश्मीर घाटी में समन्वित छापे मारे। कार्रवाई के दौरान एक महिला सहित 10 लोगोंं को हिरासत में लिया गया है।
आतंकवाद के ऑनलाइन महिमामंडन और युवाओं के कट्टरपंथीकरण के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, सीआईके टीमों ने श्रीनगर, कुलगाम, बारामुला, शोपियां और पुलवामा में 10 विशिष्ट स्थानों को निशाना बनाया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाया गया यह सशक्त अभियान उन व्यक्तियों पर केंद्रित था जिन पर हिंसा भड़काने, राष्ट्र-विरोधी प्रचार करने और सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने का आरोप है।
सीआईके की यह कार्रवाई डिजिटल खतरों को उनके स्रोत से ही जड़ से खत्म करके सार्वजनिक व्यवस्था और क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। एक महिला समेत नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
सिम कार्ड और मोबाइल फोन से लेकर टैबलेट और कई तरह के डिजिटल उपकरणों तक, अपराध सिद्ध करने वाले सबूतों का एक जखीरा फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है। बरामद सामग्री से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे आगे की जांच और अतिरिक्त प्रवर्तन कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।'
सीआईके ने पुष्टि की है कि घाटी भर में यह कार्रवाई ऑनलाइन आतंकवाद और गैरकानूनी डिजिटल गतिविधियों के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत है। अधिक छापे और गिरफ्तारियां जल्द ही होंगी क्योंकि अधिकारी कश्मीर के युवाओं को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी आकाओं, हिंसक उग्रवाद के प्रभाव से बचाने और घाटी में शांति बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।
आतंकियाें की मदद करने वाले दो एसपीओ बर्खास्त
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद समर्थकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कठुआ जिले में तैनात दो एसपीओ को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। दोनों पर आतंकियों से संपर्क रखने और उनकी गतिविधियों में सहयोग करने के गंभीर आरोप हैं।
बर्खास्त किए गए एसपीओ में अब्दुल लतीफ और मोहम्मद अब्बास हैं। जांच में सामने आया कि अब्दुल लतीफ आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें सहायता प्रदान करता था। इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और उसे डोडा जेल में सजा भी काटनी पड़ी थी। दूसरे एसपीओ मोहम्मद अब्बास के खिलाफ इसी तरह के मामलों में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं।
एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस में आतंक समर्थकों या राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले ओवर ग्राउंड वर्करों पर पिछले डेढ़ साल में बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। दर्जनों ओवरग्राउंड वर्करों, आतंकी मददगारों पर पुलिस ने पीएसए भी लगाया है। पुलिस ने दो टूक संदेश दिया है कि देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त कोई भी बक्शा नहीं जाएगा।