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Jammu Kashmir: कड़ी सुरक्षा के बीच बांदीपोरा से शुरू हुई छोटी अमरनाथ यात्रा, 108 श्रद्धालुओं हुए रवाना

Fri, 28 Aug 2026 02:38 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Fri, 28 Aug 2026 02:38 PM IST
सार

बांदीपोरा के कालूसा से कड़ी सुरक्षा के बीच छोटी अमरनाथ यात्रा शुरू हुई, जिसमें जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से करीब 108 श्रद्धालु शामिल हुए।

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Chota Amarnath Yatra flagged off from Bandipora's Kaloosa amid tight security Bandipora
जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : एजेंसी

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के कालूसा से शुक्रवार को वार्षिक छोटी अमरनाथ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुई। इस साल जम्मू-कश्मीर के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 108 श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए हैं।

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यात्रा को बांदीपोरा के अतिरिक्त उपायुक्त जफर हुसैन और एसएसपी एजाज जरगर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे।

करीब 15 किलोमीटर लंबी यह यात्रा कालूसा से शुरू होकर अरिन दर्दपोरा पहुंचेगी। इसके बाद श्रद्धालु शामथन के रास्ते घने जंगलों के बीच स्थित छोटी अमरनाथ गुफा तक पैदल जाएंगे। इस यात्रा में स्थानीय कश्मीरी पंडितों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए हैं। पहली बार यात्रा में शामिल हुईं जम्मू की श्रद्धालु प्रीति ने प्रशासन की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों की सराहना की। 

कश्मीर की साझा विरासत से जुड़ी यात्रा
यात्रा के आयोजक ओपेंद्र कृष्ण कौल ने कहा कि 1990 के दशक से पहले छोटी अमरनाथ यात्रा कश्मीर में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल हुआ करती थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह परंपरा फिर मजबूत होगी।

उन्होंने उन श्रद्धालुओं से भी यात्रा में लौटकर शामिल होने की अपील की, जो 1990 से पहले इस यात्रा का हिस्सा बनते थे लेकिन बाद में किसी कारण से आना बंद कर दिया। साथ ही उन्होंने पहली बार यात्रा करने वाले लोगों को भी आगे इसमें शामिल होने का आग्रह किया। दिल्ली से आए श्रद्धालु सुनील रैना ने भी कश्मीरी पंडितों के अपनी मातृभूमि से दोबारा जुड़ने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कश्मीर में हालात लगातार बेहतर होंगे और अधिक लोग वापस लौट सकेंगे।

शांति और भाईचारे की प्रार्थना
यात्रा में शामिल एक कश्मीरी पंडित महिला ने जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु वहां शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना करेंगे। यात्रा को लेकर जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों ने सुरक्षा, समन्वय और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े इंतजाम किए हैं। यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थीं।

प्रशासन का कहना है कि छोटी अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि कश्मीर की साझा संस्कृति, शांति और आपसी भाईचारे की परंपरा को भी मजबूत करने का अवसर है।

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