Leh Violence: लेह में हिंसा से लद्दाख पर्यटन उद्योग बेहाल, होटल खाली...पर्यटक कैद, हर दिन हो रही बुकिंग कैंसिल
लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा और कर्फ्यू के चलते लद्दाख का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे बुकिंग रद्द हो रही हैं और पर्यटक होटलों में फंसे हुए हैं। स्थानीय व्यापारी और सैलानी जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।
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लद्दाख के पर्यटन उद्योग को एक और बड़ा झटका लगा है। पहले से ही कई संकटों से जूझ रहे इस क्षेत्र में पिछले हफ्ते लेह में हुई हिंसा और कर्फ्यू के बाद हालात और बिगड़ गए हैं।
स्थानीय होटल, ट्रांसपोर्ट और व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पर्यटकों का आना कम हो गया था, और अब 24 सितंबर को लेह में हुई झड़पों और कर्फ्यू ने स्थिति और खराब कर दी है।
हिंसा के बाद लेह शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। शनिवार को सिर्फ चार घंटे की छूट दी गई थी, बाकी समय सड़कों पर सन्नाटा और सुरक्षाबल तैनात रहे।
होटल बुकिंग हो रही हैं रद्द
लेह के एक होटल मैनेजर नसीब सिंह ने बताया कि, पिछले एक हफ्ते से हर दिन मेहमानों की एडवांस बुकिंग कैंसल हो रही हैं। शहर बंद होने की वजह से जरूरी सामान की भी कमी हो गई है।
नसीब सिंह पिछले दस साल से लेह में काम कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि ऐसा हालात पहली बार देख रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट और पर्यटन व्यवसाय भी ठप
स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी रिगजिन डोरजे ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ही पर्यटन लगभग ठप हो गया था। ऑपरेशन सिंदूर के एक महीने बाद जाकर थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन अब फिर से हालात बिगड़ गए हैं।
पर्यटक परेशान, होटल से बाहर निकलना भी मुश्किल
लेह में फंसी पर्यटक शीना (ताइवान) ने बताया यहां आकर देखा तो सब कुछ बंद था। न खाना मिल रहा है, न पैसे एक्सचेंज हो रहे हैं। मैं पैंगोंग झील देखने आई थी, लेकिन परमिट भी नहीं मिल सका। दिल्ली से पहुंची अर्पणा दास ने बताया कि बाजार बंद हैं, इंटरनेट बंद है और कहीं घूमने नहीं जा पा रहे।
इसी तरह श्रुति पर्यटक ने कहा हम लद्दाख की पहाड़ियां और मठ देखने आए थे, लेकिन होटल के कमरों में फंसे हुए हैं। सब लोग बस शांति की कामना कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कर्फ्यू लगाना जरूरी था ताकि फिर से कोई हिंसा न हो। हालांकि, वे भी उम्मीद जता रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य होंगे।