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सेना ने रिकॉर्ड चार दिन में 5 साल से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को शुरू किया
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श्रीनगर। भारतीय सेना के इंजीनियरिंग विंग ने श्रीनगर के बाहरी इलाके रंगरेट में स्थित एनडी गैसेज के करीब 5 वर्षों से बंद पड़े ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को रिकॉर्ड चार दिन में शुरू कर दिया है। कश्मीर घाटी में लगातार बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या और अस्पतालों में बढ़ती ऑक्सीजन की मांग के मद्देनजर सेना ने इस मिशन को पूरा किया। प्रशासन ने सेना से इस संबंधी मदद मांगी थी। इसके बाद सेना ने जवानों को इस मिशन पर लगाया और सफलता हासिल की। बता दें कि इस प्लांट के चलने से अब रोजाना करीब 700 ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल कर अस्पतालों में सप्लाई किए जा सकेंगे।
सेना की मिलिट्री इंजीनियरिंग विंग के कर्नल नीलाद्रि रॉय ने बताया कि सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने चिनार कोर से इस प्लांट को कार्यात्मक बनाने में मदद मांगी थी। चिनार कोर ने वायु सेना की मदद से दो दिन में स्पेयर पार्ट्स मंगवाए। रविवार सुबह रिपेयर टीमें भी पहुंच गईं और इसे ठीक करने का काम शुरू किया गया। सिविल टेक्नीशियंस के साथ मिलकर इस प्लांट को कार्यात्मक बनाया गया। कर्नल रॉय ने बताया कि इस प्लांट को 4 दिन के भीतर चालू करना एक चुनौती भरा कार्य था। सभी कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए गए। उन्होंने बताया कि प्लांट के कई पार्ट्स खराब हो चुके थेे।
कर्नल नीलाद्रि रॉय ने बताया कि इस प्लांट से रोजाना 700 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पूरी होगी। आगे भी जहां कहीं हमारी जरूरत पड़ेगी, हम सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। वहीं इस प्लांट के मालिक अली मोहम्मद ने सेना की सराहना करते हुए कहा, इतने रिकॉर्ड समय में इस प्लांट को चालू करना संभव नहीं था। सेना के इंजीनियरों ने दिन रात काम कर इस मिशन को पूरा किया। इससे स्थानीय आबादी को बहुत मदद मिलेगी। करीब 5 वर्षों से बंद पड़े रहने से प्लांट का हेवी ड्यूटी एयर कंप्रेशर, चिलर और यहां तक कि कॉलमर एयर सेपरेटर जैसे सभी प्रणालियों में कई समस्याएं थीं।
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दो कोविड केयर सेंटर भी स्थापित किए
नायक रावल छंगया ने बताया कि उन्हें कम से कम समय में इस प्लांट को शुरू करने के लिए कहा गया था। उन्हें खुशी है कि इस प्लांट को रिकॉर्ड समय में कार्यात्मक बना दिया है। इससे कोरोना के खिलाफ जंग में काफी मदद मिलेगी। इससे पहले भी सेना ने रंगरेट इलाके में 250 बेड और उड़ी सेक्टर में 20 बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित किया था।
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सेना की मिलिट्री इंजीनियरिंग विंग के कर्नल नीलाद्रि रॉय ने बताया कि सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने चिनार कोर से इस प्लांट को कार्यात्मक बनाने में मदद मांगी थी। चिनार कोर ने वायु सेना की मदद से दो दिन में स्पेयर पार्ट्स मंगवाए। रविवार सुबह रिपेयर टीमें भी पहुंच गईं और इसे ठीक करने का काम शुरू किया गया। सिविल टेक्नीशियंस के साथ मिलकर इस प्लांट को कार्यात्मक बनाया गया। कर्नल रॉय ने बताया कि इस प्लांट को 4 दिन के भीतर चालू करना एक चुनौती भरा कार्य था। सभी कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए गए। उन्होंने बताया कि प्लांट के कई पार्ट्स खराब हो चुके थेे।
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कर्नल नीलाद्रि रॉय ने बताया कि इस प्लांट से रोजाना 700 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पूरी होगी। आगे भी जहां कहीं हमारी जरूरत पड़ेगी, हम सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। वहीं इस प्लांट के मालिक अली मोहम्मद ने सेना की सराहना करते हुए कहा, इतने रिकॉर्ड समय में इस प्लांट को चालू करना संभव नहीं था। सेना के इंजीनियरों ने दिन रात काम कर इस मिशन को पूरा किया। इससे स्थानीय आबादी को बहुत मदद मिलेगी। करीब 5 वर्षों से बंद पड़े रहने से प्लांट का हेवी ड्यूटी एयर कंप्रेशर, चिलर और यहां तक कि कॉलमर एयर सेपरेटर जैसे सभी प्रणालियों में कई समस्याएं थीं।
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दो कोविड केयर सेंटर भी स्थापित किए
नायक रावल छंगया ने बताया कि उन्हें कम से कम समय में इस प्लांट को शुरू करने के लिए कहा गया था। उन्हें खुशी है कि इस प्लांट को रिकॉर्ड समय में कार्यात्मक बना दिया है। इससे कोरोना के खिलाफ जंग में काफी मदद मिलेगी। इससे पहले भी सेना ने रंगरेट इलाके में 250 बेड और उड़ी सेक्टर में 20 बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित किया था।