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Amarnath Yatra: कड़े सुरक्षा घेरे में होंगे बेस कैंप, संचार नेटवर्क होगा मजबूत, ड्रोन से होगी निगरानी
Wed, 15 Jun 2022 01:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 15 Jun 2022 01:18 PM IST
सार
बाबा अमरनाथ की यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों और रास्ते में सुरक्षा कड़ी करने के लिए सीसीटीवी लगाने के साथ निगरानी के लिए ड्रोन व अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा
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Amarnath Yatra 2022
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान बेस कैंपों की सुरक्षा के हर संभव इंतजाम करने के साथ संचार नेटवर्क को मजबूत किया जाए। ये निर्देश मंगलवार को डीजीपी जम्मू-कश्मीर दिलबाग सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम श्रीनगर में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जारी किए। संवेदनशील यात्रा स्थानों और रास्ते में सुरक्षा कड़ी करने के लिए सीसीटीवी लगाए के साथ निगरानी के लिए ड्रोन व अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया।
बैठक में अमरनाथ यात्रा प्रबंधों और सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस कर्मियों की तैनाती की समीक्षा की गई। डीजीपी ने राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों पर यातायात प्रबंधन के प्रभावी और नियोजित विनियमन, वाहनों की पार्किंग के साथ पहलगाम और बालटाल के दोनों यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती पर जोर दिया।उन्होंने पार्किंग स्थलों सहित संवेदनशील स्थानों और आधार शिविरों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।
डीजीपी ने तीर्थयात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए क्विक रिएक्शन टीमों को तैनात करने का निर्देश दिया। सेना, सीएपीएफ, पुलिस और नागरिक प्रशासन के सभी हितधारकों के समकक्षों के बीच समन्वय तंत्र और संचार प्रणालियों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए निकट समन्वय आवश्यक है। उन्होंने यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रभावी तंत्र और योजना बनाने के निर्देश दिए।
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तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया। दिलबाग सिंह ने कहा कि स्थानीय और राजमार्ग सुरक्षा ग्रिड को सभी स्तरों पर पूरी तरह से तैयार रखने की जरूरत है और सभी सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों को अमरनाथ यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर किए जा रहे अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की।
हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश
डीजीपी ने कहा कि क्षेत्राधिकार के अधिकारियों को पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध कराई गई है और दोहराया है कि यात्रा और मूवमेंट के चिह्नित मार्ग, यात्रियों के लिए क्या करें और क्या न करें, इसके लिए हेल्पलाइन नंबरों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि यात्री इनसे सहजता से सहायता मांग सकें।
बैठक में एडीजी सीआरपीएफ (जम्मू-कश्मीर जोन) दलजीत सिंह चौधरी, स्पेशल डीजी सीआईडी (जम्मू-कश्मीर) आरआर स्वैन, एडीजीपी (जम्मू जोन) मुकेश सिंह, आईजीपी सीआरपीएफ कश्मीर सेक्टर एमएस भाटिया, आईजीपी सीआरपीएफ (श्रीनगर) चारू सिन्हा, आईजी विजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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बैठक में अमरनाथ यात्रा प्रबंधों और सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस कर्मियों की तैनाती की समीक्षा की गई। डीजीपी ने राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों पर यातायात प्रबंधन के प्रभावी और नियोजित विनियमन, वाहनों की पार्किंग के साथ पहलगाम और बालटाल के दोनों यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती पर जोर दिया।उन्होंने पार्किंग स्थलों सहित संवेदनशील स्थानों और आधार शिविरों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।
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डीजीपी ने तीर्थयात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए क्विक रिएक्शन टीमों को तैनात करने का निर्देश दिया। सेना, सीएपीएफ, पुलिस और नागरिक प्रशासन के सभी हितधारकों के समकक्षों के बीच समन्वय तंत्र और संचार प्रणालियों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए निकट समन्वय आवश्यक है। उन्होंने यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रभावी तंत्र और योजना बनाने के निर्देश दिए।
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तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया। दिलबाग सिंह ने कहा कि स्थानीय और राजमार्ग सुरक्षा ग्रिड को सभी स्तरों पर पूरी तरह से तैयार रखने की जरूरत है और सभी सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों को अमरनाथ यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर किए जा रहे अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की।
हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश
डीजीपी ने कहा कि क्षेत्राधिकार के अधिकारियों को पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध कराई गई है और दोहराया है कि यात्रा और मूवमेंट के चिह्नित मार्ग, यात्रियों के लिए क्या करें और क्या न करें, इसके लिए हेल्पलाइन नंबरों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि यात्री इनसे सहजता से सहायता मांग सकें।
बैठक में एडीजी सीआरपीएफ (जम्मू-कश्मीर जोन) दलजीत सिंह चौधरी, स्पेशल डीजी सीआईडी (जम्मू-कश्मीर) आरआर स्वैन, एडीजीपी (जम्मू जोन) मुकेश सिंह, आईजीपी सीआरपीएफ कश्मीर सेक्टर एमएस भाटिया, आईजीपी सीआरपीएफ (श्रीनगर) चारू सिन्हा, आईजी विजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।