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जन्नत की खूबसूरती में खो गए दादा
Sri nagar
Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
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श्रीनगर। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार श्रीनगर की वादियों में पहुंचे महामहिम प्रणब मुखर्जी वादियों की खूबसूरती के कायल हो गए। इस दौरान ‘दादा’ ने जहां विश्व विख्यात डल झील में बोट में लुत्फ उठाया, वहीं निशात बाग को देख मंत्रमुग्ध हो गए। बाग में काफी समय बिताने के बाद राष्ट्रपति ने कड़ी सुरक्षा के बीच कारों के काफिले में शहर का नजारा भी देखा। देर शाम वे राजभवन में बुद्धिजीवियोें और अन्य गणमान्य शख्सियतोें से मिले।
कश्मीर यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद राष्ट्रपति दोपहर में डल झील पहुंचे। वहां उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बोट में सैर की। इस दौरान किसी को आसपास फटकने तक की इजाजत नहीं दी गई। इस दौरान राष्ट्रपति को डल झील के संरक्षण के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी भी दी गई। इसमें डल के संरक्षण के लिए डल के आस पास रहने वालों को किनारों से दूर बसाने की योजना के बारे में जानकारी भी दी। डल झील से वे मुगल गार्डन के नाम से पहचान बना चुके निशात गार्डन पहुंचे और वहां का नजारा लिया। राष्ट्रपति ने इस दौरान बाग के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल कीें। इस मौके पर राष्ट्रपति ने नेहरू पार्क, कबूतरखाना, चार चिनार को भी निहारा। देर शाम राजभवन में राष्ट्रपति विश्वविद्यालयोें के उपकुलपतियों और शिक्षाविदों से मिले। इस दौरान उन्होंने सार्वभौमिकता और बहुलवाद पर टैगोर की भावना को आत्मसात करने को कहा। महामहिम के सम्मान में उमर अब्दुल्ला ने रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें राज्यपाल एनएन वोहरा, उप मुख्यमंत्री तारा चंद, विधानसभा के स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, प्रदेश कांग्रेस प्रेसीडेंट सैफुद्दीन सोज विशेष तौर पर उपस्थित थे।
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कश्मीर यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद राष्ट्रपति दोपहर में डल झील पहुंचे। वहां उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बोट में सैर की। इस दौरान किसी को आसपास फटकने तक की इजाजत नहीं दी गई। इस दौरान राष्ट्रपति को डल झील के संरक्षण के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी भी दी गई। इसमें डल के संरक्षण के लिए डल के आस पास रहने वालों को किनारों से दूर बसाने की योजना के बारे में जानकारी भी दी। डल झील से वे मुगल गार्डन के नाम से पहचान बना चुके निशात गार्डन पहुंचे और वहां का नजारा लिया। राष्ट्रपति ने इस दौरान बाग के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल कीें। इस मौके पर राष्ट्रपति ने नेहरू पार्क, कबूतरखाना, चार चिनार को भी निहारा। देर शाम राजभवन में राष्ट्रपति विश्वविद्यालयोें के उपकुलपतियों और शिक्षाविदों से मिले। इस दौरान उन्होंने सार्वभौमिकता और बहुलवाद पर टैगोर की भावना को आत्मसात करने को कहा। महामहिम के सम्मान में उमर अब्दुल्ला ने रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें राज्यपाल एनएन वोहरा, उप मुख्यमंत्री तारा चंद, विधानसभा के स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, प्रदेश कांग्रेस प्रेसीडेंट सैफुद्दीन सोज विशेष तौर पर उपस्थित थे।
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