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गांव में सड़क की सुविधा को तरस रहे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला,पुंछ
Updated Mon, 20 Oct 2014 01:30 AM IST
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हवेली के गांव कसाना निवासी देश की आजादी के दशकों बाद भी हर दिन कई किलो मीटर पैदल चलने को मजबूर हैं।
इसके चलते ग्रामीणों में राज्य सरकार के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की अनदेखी के चलते ही उनको आज भी बिना सड़क के कई किलोमीटर तक पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है।
हसन, दीन, शेख नजीर, दीन मोहम्मद, बदरदीन, मोहम्मद फजल आदि का कहना है कि चुनाव आने पर क्षेत्र के नेता उनसे वोट मांगने के लिए आते हैं, लेकिन उसके बाद उनके चेहरे नहीं नजर आते।
सभी दलों के नेताओं के सामने ग्रामीणों ने इस मांग को रखा, लेकिन आज तक किसी भी दल ने गांव को सड़क से जोड़ने के लिए प्रयास नहीं किया। इसके चलते ग्रामीणों को कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनको सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है, जब देर रात गांव में कोई बीमार हो जाता है। खासकर महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें चारपाई पर डालकर कई किलो मीटर पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
ऐसे में कई बार तो बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द से जल्द गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाने की मांग की है।
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इसके चलते ग्रामीणों में राज्य सरकार के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की अनदेखी के चलते ही उनको आज भी बिना सड़क के कई किलोमीटर तक पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है।
हसन, दीन, शेख नजीर, दीन मोहम्मद, बदरदीन, मोहम्मद फजल आदि का कहना है कि चुनाव आने पर क्षेत्र के नेता उनसे वोट मांगने के लिए आते हैं, लेकिन उसके बाद उनके चेहरे नहीं नजर आते।
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सभी दलों के नेताओं के सामने ग्रामीणों ने इस मांग को रखा, लेकिन आज तक किसी भी दल ने गांव को सड़क से जोड़ने के लिए प्रयास नहीं किया। इसके चलते ग्रामीणों को कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनको सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है, जब देर रात गांव में कोई बीमार हो जाता है। खासकर महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें चारपाई पर डालकर कई किलो मीटर पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
ऐसे में कई बार तो बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द से जल्द गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाने की मांग की है।