{"_id":"67c8c57d7dcfc387d30a79d4","slug":"the-issue-of-situation-arising-out-of-suspension-of-assistant-professor-was-raised-rajouri-news-c-272-1-raj1001-104048-2025-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: असिस्टेंट प्रोफेसर के निलंबन से बने हालात का उठाया मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: असिस्टेंट प्रोफेसर के निलंबन से बने हालात का उठाया मुद्दा
Thu, 06 Mar 2025 03:13 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Thu, 06 Mar 2025 03:13 AM IST
विज्ञापन
राजोरी से कांग्रेस के विधायक ने कहा- संस्थान को कमजाेर बनाने की रची जा रही साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय(बीजीएसबीयू) के एक असिस्टेंट प्रोफेसर के निलंबन और उनकी भूख हड़ताल से विश्वविद्यालय में बने हालात को बुधवार को विधानसभा(विस) में उठा। इस मामले को राजोरी से कांग्रेस के विधायक इफि्तकार अहमद ने उठाया। उन्होंने कहा कि उक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को अवैध तरीके से निलंबित किया गया है और अब सभी शिक्षकोें को परेशान किया जा रहा है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें, ताकि पीर पंजाल की इस विरासत के साथ खिलवाड़ न किया जाए। उन्होंने मामले पर विधानसभा में चर्चा की मांग की। कहा कि बीजीएसबीयू को जान बूझकर कमजोर बनाने की साजिश रची जा रही है। इस मुद्दे को यहां हल किया जाए।
महबूबा मुफ्ती ने सरकार, एलजी से हस्तक्षेप की लगाई गुहार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने भी विश्वविद्यालय के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आदिवासी समुदायों द्वारा सामना की जा रही उपेक्षा और उदासीनता को दूर करने के लिए बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय की कल्पना की थी, ताकि राजोेरी और पुंछ के लोगों के दरवाजे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा सके। दुख की बात है कि विश्वविद्यालय अब व्यवस्थित रूप से ध्वस्त किया जा रहा है। इसका नियंत्रण शिक्षाविदों से जिला प्रशासन के पास जा रहा है। यह कभी मुफ्ती मोहम्मद सईद के लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसे मसूद चौधरी ने ज़मीन पर उतारा था। अब खस्ताहाल स्थित में है। उम्मीद है कि सरकार और एलजी इस प्रतिष्ठित संस्थान को बचाने के लिए ध्यान देंगे और हस्तक्षेप करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय(बीजीएसबीयू) के एक असिस्टेंट प्रोफेसर के निलंबन और उनकी भूख हड़ताल से विश्वविद्यालय में बने हालात को बुधवार को विधानसभा(विस) में उठा। इस मामले को राजोरी से कांग्रेस के विधायक इफि्तकार अहमद ने उठाया। उन्होंने कहा कि उक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को अवैध तरीके से निलंबित किया गया है और अब सभी शिक्षकोें को परेशान किया जा रहा है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें, ताकि पीर पंजाल की इस विरासत के साथ खिलवाड़ न किया जाए। उन्होंने मामले पर विधानसभा में चर्चा की मांग की। कहा कि बीजीएसबीयू को जान बूझकर कमजोर बनाने की साजिश रची जा रही है। इस मुद्दे को यहां हल किया जाए।
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती ने सरकार, एलजी से हस्तक्षेप की लगाई गुहार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने भी विश्वविद्यालय के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आदिवासी समुदायों द्वारा सामना की जा रही उपेक्षा और उदासीनता को दूर करने के लिए बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय की कल्पना की थी, ताकि राजोेरी और पुंछ के लोगों के दरवाजे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा सके। दुख की बात है कि विश्वविद्यालय अब व्यवस्थित रूप से ध्वस्त किया जा रहा है। इसका नियंत्रण शिक्षाविदों से जिला प्रशासन के पास जा रहा है। यह कभी मुफ्ती मोहम्मद सईद के लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसे मसूद चौधरी ने ज़मीन पर उतारा था। अब खस्ताहाल स्थित में है। उम्मीद है कि सरकार और एलजी इस प्रतिष्ठित संस्थान को बचाने के लिए ध्यान देंगे और हस्तक्षेप करेंगे।
विज्ञापन