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छात्रों में पहले भी हुए हैं विवाद
ब्यूरो,अमर उजाला/राजोरी
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:39 AM IST
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माकपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बढ़ोतरी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने की मांग की है।
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राजोरी पुंछ सीमावर्ती जिलो के आतंकवाद से ग्रस्त और गरीब व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय को खोला गया था। पूर्व मुख्य मंत्री एवं पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने यह विश्वविद्यालय खोला था। उनकी इच्छा थी कि बाहरी राज्यों के विद्यार्थी भी यहां शिक्षा प्राप्त करें। लेकिन जब से विवि का गठन हुआ है, तब से ही विवि विवादों के घेरे में रही है।
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हर वर्ष विवि में किसी न किसी बात को लेकर विवाद उठता है। हर बार कश्मीर के विद्यार्थी माहौल को खराब करते हैं। इससे पहले भी कई बार घाटी के विद्यार्थी विवि में देश विरोधी नारेबाजी और लोकल विद्यार्थियों को परेशान करते पाए गए हैं।
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पिछले वर्ष भी विवि में बहूचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले के बाद विद्यार्थियों ने हड़ताल शुरू की थी। उस समय भी घाटी के विद्यार्थियों ने हड़ताल के दौरान लोकल विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया था। पिछले वर्ष हड़ताल के बाद पैदा हुए तनाव के चलते करीब दो महिने से भी अधिक समय तक विवि बंद रही थी।
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घाटी के विद्यार्थियों द्वारा हर बार माहौल खराब करने का सीधा प्रभाव राजोरी पुंछ व अन्य लोकल विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। इस संबंध में जब राजोरी के कुछ सियासी नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।