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अपने अधिकारों का प्रयोग कर अन्याय से लड़ें महिलाएं
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राजोेरी। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जिला प्रशासन ने शनिवार को जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसमें महिला और उनके अधिकारियों के साथ कानूनों से संबंधित जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सत्र न्यायाधीश मदन लाल भगत और डीएलएसए सचिव सुरिंदर थापा ने की। डीसी राजेश कुमार शवन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिला सत्र न्यायाधीश ने महिलाओं को विभिन्न विधियों के तहत उपलब्ध उनके कानूनी अधिकारों के बारे में शिक्षित किया और निर्णय लेने की प्रक्रिया में विशेष रूप से नीति निर्माण से संबंधित महिलाओं को समान भागीदार बनाने के प्रावधानों को भी समझाया। कहा कि अपने अधिकारों का प्रयोग कर अन्याय से लड़ें।
प्रतिभागियों को सरकार द्वारा शुरू की गई कई महिला केंद्रित योजनाओं और कल्याण कार्यक्रमों के बारे में भी बताया गया। इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को विभिन्न कानूनी और सामाजिक क्षेत्र की पहलों से अवगत कराना है, ताकि वे इन पहलों का लाभ उठा सकें। डीएलएसए एक कानूनी सेवा संस्थान है, जो विभिन्न सेवा गतिविधियों में लगा हुआ है और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि लोगों को विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को कानूनी सहायता प्रदान की जाए। कहा कि विभिन्न संगठन समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में काम कर रहे हैं और डीएलएसए भी कमजोर वर्गों खासकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है।
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उन्होंने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित बड़ी संख्या में मामले हैं जिनमें डीएलएसए हस्तक्षेप कर रहा है और उनकी शिकायतों का निवारण करने में सक्षम है। जंगलों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और महिलाओं से पर्यावरण पर पेड़ों के लाभों के बारे में समाज को जागरूक करने के लिए कहा। मौके पर जिला प्रशासन राजौरी की ओर से क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न लाभों को लोगों तक पहुंचाया गया। लाभार्थियों के बीच पावर टिल्लर, गोल्डन कार्ड, श्रमिक कार्ड, ई-शर्म कार्ड, आयुष चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।
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जिला सत्र न्यायाधीश ने महिलाओं को विभिन्न विधियों के तहत उपलब्ध उनके कानूनी अधिकारों के बारे में शिक्षित किया और निर्णय लेने की प्रक्रिया में विशेष रूप से नीति निर्माण से संबंधित महिलाओं को समान भागीदार बनाने के प्रावधानों को भी समझाया। कहा कि अपने अधिकारों का प्रयोग कर अन्याय से लड़ें।
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प्रतिभागियों को सरकार द्वारा शुरू की गई कई महिला केंद्रित योजनाओं और कल्याण कार्यक्रमों के बारे में भी बताया गया। इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को विभिन्न कानूनी और सामाजिक क्षेत्र की पहलों से अवगत कराना है, ताकि वे इन पहलों का लाभ उठा सकें। डीएलएसए एक कानूनी सेवा संस्थान है, जो विभिन्न सेवा गतिविधियों में लगा हुआ है और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि लोगों को विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को कानूनी सहायता प्रदान की जाए। कहा कि विभिन्न संगठन समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में काम कर रहे हैं और डीएलएसए भी कमजोर वर्गों खासकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है।
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उन्होंने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित बड़ी संख्या में मामले हैं जिनमें डीएलएसए हस्तक्षेप कर रहा है और उनकी शिकायतों का निवारण करने में सक्षम है। जंगलों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और महिलाओं से पर्यावरण पर पेड़ों के लाभों के बारे में समाज को जागरूक करने के लिए कहा। मौके पर जिला प्रशासन राजौरी की ओर से क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न लाभों को लोगों तक पहुंचाया गया। लाभार्थियों के बीच पावर टिल्लर, गोल्डन कार्ड, श्रमिक कार्ड, ई-शर्म कार्ड, आयुष चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।