{"_id":"6826586a5f8588c721057510","slug":"rajouri-education-school-open-rajouri-news-c-272-1-raj1001-104598-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: राजोरी के आठ शिक्षा जोन में खुले शैक्षणिक संस्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: राजोरी के आठ शिक्षा जोन में खुले शैक्षणिक संस्थान
Fri, 16 May 2025 02:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Fri, 16 May 2025 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक हफ्ते बाद स्कूलों में दिखी रौनक, छात्रों में दिखा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम के बाद वीरवार को जिले के आठ शिक्षा जोन के शैक्षणिक संस्थान एक हफ्ते बाद फिर से खुल गए हैं। इस दौरान बच्चों में स्कूल को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
राजोरी के नियंत्रण रेखा से दूर स्थित शिक्षा जोन पीड़ी, कालाकोट, मोगला, कोटरंका, ख्वास, थन्नामंडी, लोअर हथल और दरहाल में सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल खुलने से लोगों और बच्चों ने राहत की सांस ली है। बुद्धल के एक छात्र मोहम्मद अयान ने बताया कि दोस्तों और शिक्षकों से मिल कर खुशी हो रही है। अब फिर से पढ़ाई कर सकेंगे।
सरकारी स्कूल के शिक्षक जहूर अहमद ने बताया कि प्रगति के लिए शांति बहुत जरूरी है। छात्र खुश महसूस कर रहे हैं। हर कोई समझता है कि शांति विकास और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। भगवान के शुक्रगुजार हैं कि स्थिति में सुधार हुआ है और हम स्कूल लौट आ गए हैं। स्कूलों में फिर से रौनक है।
विज्ञापन
कालाकोट निवासी साहिल कुमार ने उम्मीद जताई कि शांति कायम रहेगी। थन्नामंडी की छात्रा सेहरीश शाहीन ने कहा कि भारत-पाक तनाव ने पढ़ाई को प्रभावित किया है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम का स्वागत है। चिंता सता रही थी कि अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए बहुत कम समय मिलेगा।
मोगला जोन के एक स्कूल में शिक्षक संजय कुमार ने संघर्ष विराम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि बच्चे और शिक्षक दोनों ही बहुत खुश हैं। हम बेसब्री से स्कूलों के फिर से खुलने का इंतजार कर रहे थे। संघर्ष बच्चों को प्रभावित करता है, इसलिए दोनों देशों द्वारा उठाए गए ये कदम सकारात्मक दिशा में हैं। हम शांति के महत्व को समझने के लिए अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम के आभारी हैं। हम इस कदम का स्वागत करते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम के बाद वीरवार को जिले के आठ शिक्षा जोन के शैक्षणिक संस्थान एक हफ्ते बाद फिर से खुल गए हैं। इस दौरान बच्चों में स्कूल को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
राजोरी के नियंत्रण रेखा से दूर स्थित शिक्षा जोन पीड़ी, कालाकोट, मोगला, कोटरंका, ख्वास, थन्नामंडी, लोअर हथल और दरहाल में सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल खुलने से लोगों और बच्चों ने राहत की सांस ली है। बुद्धल के एक छात्र मोहम्मद अयान ने बताया कि दोस्तों और शिक्षकों से मिल कर खुशी हो रही है। अब फिर से पढ़ाई कर सकेंगे।
विज्ञापन
सरकारी स्कूल के शिक्षक जहूर अहमद ने बताया कि प्रगति के लिए शांति बहुत जरूरी है। छात्र खुश महसूस कर रहे हैं। हर कोई समझता है कि शांति विकास और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। भगवान के शुक्रगुजार हैं कि स्थिति में सुधार हुआ है और हम स्कूल लौट आ गए हैं। स्कूलों में फिर से रौनक है।
विज्ञापन
कालाकोट निवासी साहिल कुमार ने उम्मीद जताई कि शांति कायम रहेगी। थन्नामंडी की छात्रा सेहरीश शाहीन ने कहा कि भारत-पाक तनाव ने पढ़ाई को प्रभावित किया है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम का स्वागत है। चिंता सता रही थी कि अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए बहुत कम समय मिलेगा।
मोगला जोन के एक स्कूल में शिक्षक संजय कुमार ने संघर्ष विराम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि बच्चे और शिक्षक दोनों ही बहुत खुश हैं। हम बेसब्री से स्कूलों के फिर से खुलने का इंतजार कर रहे थे। संघर्ष बच्चों को प्रभावित करता है, इसलिए दोनों देशों द्वारा उठाए गए ये कदम सकारात्मक दिशा में हैं। हम शांति के महत्व को समझने के लिए अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम के आभारी हैं। हम इस कदम का स्वागत करते हैं।