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Rajouri News: ई-सेहत एप के लाभों पर की गई विस्तार से चर्चा
Fri, 22 Aug 2025 02:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Fri, 22 Aug 2025 02:41 AM IST
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जीएमसी राजोेरी ने स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए एक दिवसीय व्यावसायिक विकास कार्यक्रम आयोजित कि
राजोरी। जीएमसी राजोेरी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दाैरान ई-सेहत एप के लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान, ककरयाल कटड़ा के कार्यकारी निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा, इन्फेंट्री 25 डिवीजन राजोेरी के कर्नल अशोक कुमार के साथ मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना और उन्हें इससे निपटने के तरीकों और साधनों के बारे में जागरूक करना था।
इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम बसीर उल हक चौधरी ने समुदाय की सेवा में स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवसायों से समाज की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं और हमें उन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
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उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशा एक महान पेशा है और इसलिए डॉक्टरों को हमारे देश में जीआईडी के बाद दूसरा स्थान है। राजोरी और पुंछ के विभिन्न ब्लॉकों से लगभग 200 प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भाग लिया। डॉ. यशपाल शर्मा ने जेके ई-सेहत एप के लाभों पर विस्तार से चर्चा की।
कर्नल मेडिकल, कर्नल अशोक कुमार ने आपदाओं से निपटने और प्रतिक्रिया में भारतीय सेना की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. डॉ. एएस भाटिया ने ऑपरेशन सिंदूर, बड्डाल संकट और राजोेरी के ढांगरी नरसंहार से निपटने के अनुभव साझा किए।
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इस अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान, ककरयाल कटड़ा के कार्यकारी निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा, इन्फेंट्री 25 डिवीजन राजोेरी के कर्नल अशोक कुमार के साथ मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना और उन्हें इससे निपटने के तरीकों और साधनों के बारे में जागरूक करना था।
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इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम बसीर उल हक चौधरी ने समुदाय की सेवा में स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवसायों से समाज की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं और हमें उन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
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उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशा एक महान पेशा है और इसलिए डॉक्टरों को हमारे देश में जीआईडी के बाद दूसरा स्थान है। राजोरी और पुंछ के विभिन्न ब्लॉकों से लगभग 200 प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भाग लिया। डॉ. यशपाल शर्मा ने जेके ई-सेहत एप के लाभों पर विस्तार से चर्चा की।
कर्नल मेडिकल, कर्नल अशोक कुमार ने आपदाओं से निपटने और प्रतिक्रिया में भारतीय सेना की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. डॉ. एएस भाटिया ने ऑपरेशन सिंदूर, बड्डाल संकट और राजोेरी के ढांगरी नरसंहार से निपटने के अनुभव साझा किए।