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सुंदरबनी में हुई बारिश से मौंसम हुआ सुहावना
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सुंदरबनी। सुंदरबनी तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में तीन सप्ताह से बारिश न होने के कारण उमस भरी गर्मी तथा क्षेत्र में उत्पन्न हो रहे सूखे के हालात से शुक्रवार को बाद दोपहर हुई हल्की फुहारों ने थोड़ी राहत दी है। हालांकि काफी दिन से बारिश नहीं होने के कारण मक्की तथा दालों की फसलों को सूखे के कारण काफी नुकसान हुआ है। फिर भी शुक्रवार शाम को बारिश होने के कारण खाने के लिए जरूरत के अनुसार फसलें होने की उम्मीद बन गई हैं।
किसानों का कहना है कि ऐसी ही बारिश अगर दस दिन पूर्व हो जाती तो इस बार उनकी मक्की तथा दालों की फसलों की रिकार्ड पैदावार हो जाती। फिर भी देर से ही सही, इस समय भी बारिश होने के कारण कुछ न कुछ जरूर हाथ लग जाएगा। इससे आने वाले समय में उन्हें खाने के लिए मक्की की खरीदारी नहीं करनी पडे़गी। इस संबंध में किसान भगत राम, ओम प्रकाश, ज्ञान चंद, शाम लाल, राकेश कुमार बीरबाल आदि का कहना है कि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें हर बार ऐसी ही परेशानियां झेलनी पड़ती है। कहां बारिश ज्यादा होती है तो तब भी फसलें बरबाद हो जाती है और जब कम होती है तो सूखा पड़ जाता है, जिससे सुंदरबनी के किसानों को हर बार परेशानियों का ही सामना करना पड़ता है।
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किसानों का कहना है कि ऐसी ही बारिश अगर दस दिन पूर्व हो जाती तो इस बार उनकी मक्की तथा दालों की फसलों की रिकार्ड पैदावार हो जाती। फिर भी देर से ही सही, इस समय भी बारिश होने के कारण कुछ न कुछ जरूर हाथ लग जाएगा। इससे आने वाले समय में उन्हें खाने के लिए मक्की की खरीदारी नहीं करनी पडे़गी। इस संबंध में किसान भगत राम, ओम प्रकाश, ज्ञान चंद, शाम लाल, राकेश कुमार बीरबाल आदि का कहना है कि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें हर बार ऐसी ही परेशानियां झेलनी पड़ती है। कहां बारिश ज्यादा होती है तो तब भी फसलें बरबाद हो जाती है और जब कम होती है तो सूखा पड़ जाता है, जिससे सुंदरबनी के किसानों को हर बार परेशानियों का ही सामना करना पड़ता है।
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