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जान हथेली पर लेकर नाला पार करते हैं कई गावों के लोग.
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राजोरी। कोटरंका सब डिवीजन के ख्वास तहसील के दर्जनों गांवों को तहसील और सब डिवीजन के साथ-साथ जिला हेडक्वार्टर से जोड़ने वाली सड़क पर पति नाला नदी पर पुल नहीं है। ऐसे में लोगों को जान हथेली पर लेकर नदी पार करनी पड़ती है। नाले के ऊपर पुल न होने के कारण बारिश होने पर जब जलस्तर बढ़ जाता है तो लोगों की दिक्कतें और अधिक बढ़ जाती हैं।
तहसील के ख्वास, तरेडू, पट्टी, बड्डाल ढलेरी आदि गांवों के स्थानीय निवासी दिनेश ठाकुर, रशपाल सिंह, मोहम्मद आफताब आदि ने बताया कि जब कभी बारिश आती है तो नाले का पानी उफान पर होता है। मजबूर होकर लोगों को जान हथेली पर लेकर या तो नाला पार करना पड़ता है या पानी का स्तर कम होने का इंतजार करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि उस क्षेत्र में नाले पर पुल का निर्माण काम कई बार गुहार लगाने के बाद भी शुरू नहीं किया गया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी न तो किसी सरकारी अधिकारी ने न किसी सियासी नेता ने और न ही किसी विधायक या मंत्री ने लोगों की सुध ली और पुल बनाने के लिए कोई फंड्स आदि जारी नहीं किए।
लोगों ने बताया कि सरकार व स्थानीय पूर्व मंत्रियों, विधायकों की अनदेखी के कारण सैकड़ों की संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर यदि गांव में कोई बंदा बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए भी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है क्योंकि घंटों नाले में पानी का स्तर कम नहीं होता और ऐसे में लोगों को मरीज को अस्पताल पहुंचाने में घंटों इंतजार करना पड़ता है। वही लोगों ने जिला प्रशासन और उपराज्यपाल से गुहार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द इतने महत्वपूर्ण पुल के निर्माण के लिए फंड्स जारी करें ताकि पुल बने और लोगों की परेशानियां कम हो सके।
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तहसील के ख्वास, तरेडू, पट्टी, बड्डाल ढलेरी आदि गांवों के स्थानीय निवासी दिनेश ठाकुर, रशपाल सिंह, मोहम्मद आफताब आदि ने बताया कि जब कभी बारिश आती है तो नाले का पानी उफान पर होता है। मजबूर होकर लोगों को जान हथेली पर लेकर या तो नाला पार करना पड़ता है या पानी का स्तर कम होने का इंतजार करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि उस क्षेत्र में नाले पर पुल का निर्माण काम कई बार गुहार लगाने के बाद भी शुरू नहीं किया गया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी न तो किसी सरकारी अधिकारी ने न किसी सियासी नेता ने और न ही किसी विधायक या मंत्री ने लोगों की सुध ली और पुल बनाने के लिए कोई फंड्स आदि जारी नहीं किए।
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लोगों ने बताया कि सरकार व स्थानीय पूर्व मंत्रियों, विधायकों की अनदेखी के कारण सैकड़ों की संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर यदि गांव में कोई बंदा बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए भी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है क्योंकि घंटों नाले में पानी का स्तर कम नहीं होता और ऐसे में लोगों को मरीज को अस्पताल पहुंचाने में घंटों इंतजार करना पड़ता है। वही लोगों ने जिला प्रशासन और उपराज्यपाल से गुहार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द इतने महत्वपूर्ण पुल के निर्माण के लिए फंड्स जारी करें ताकि पुल बने और लोगों की परेशानियां कम हो सके।
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