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प्रशासन की लापरवाही, 15 घंटे घर में ही पड़ा रहा संक्रमित महिला का शव
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राजोरी। जिला प्रशासन की लापरवाही का सबूत वीरवार को उस समय मिला जब कोरोना संक्रमित महिला का शव उसके घर पर करीब 15 घंटे तक पड़ा रहा। इस बीच आने जाने वालों का तांता भी लगा रहा।
बुधवार रात नौ बजे छपारियां जवाहर नगर निवासी महिला की घर में ही अचानक मौत हो गई। महिला के परिजनों ने बताया कि रात को 10:30 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर महिला की सैंपलिंग की तो उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। यह जानने के बाद कि महिला कोरोना पॉजिटिव है। एसओपी का पालन न करते हुए महिला का शव जिला अस्पताल में ले जाने के बजाय घर में ही रहने दिया गया। इतना ही नहीं मृतक महिला के घर आने जाने वालों को रोकने के लिए वहां ना तो कोई पुलिसकर्मी लगाए गए और ना ही लोगों को जागरूक किया गया।
इतना ही नहीं पूरी रात बीत जाने के बाद सुबह भी 11:30 बजे तक एंबुलेंस महिला का शव लेने उस इलाके में नहीं पहुंची तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और आस-पड़ोस के लोगों ने जिला प्रशासन के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि यदि प्रशासन इस तरह से लापरवाही बरतेगा तो आम लोगों को कोरोना के प्रकोप से कैसे बचाया जा सकेगा। लोगों ने बताया कि जहां प्रशासन की लापरवाही के चलते 15 घंटे तक संक्रमित महिला का शव घर में पड़ा रहा तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की टीम कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपलिंग के भी वहां नहीं पहुंची। लोगों ने डीसी और एलजी से गुहार लगाते हुए कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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बुधवार रात नौ बजे छपारियां जवाहर नगर निवासी महिला की घर में ही अचानक मौत हो गई। महिला के परिजनों ने बताया कि रात को 10:30 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर महिला की सैंपलिंग की तो उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। यह जानने के बाद कि महिला कोरोना पॉजिटिव है। एसओपी का पालन न करते हुए महिला का शव जिला अस्पताल में ले जाने के बजाय घर में ही रहने दिया गया। इतना ही नहीं मृतक महिला के घर आने जाने वालों को रोकने के लिए वहां ना तो कोई पुलिसकर्मी लगाए गए और ना ही लोगों को जागरूक किया गया।
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इतना ही नहीं पूरी रात बीत जाने के बाद सुबह भी 11:30 बजे तक एंबुलेंस महिला का शव लेने उस इलाके में नहीं पहुंची तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और आस-पड़ोस के लोगों ने जिला प्रशासन के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि यदि प्रशासन इस तरह से लापरवाही बरतेगा तो आम लोगों को कोरोना के प्रकोप से कैसे बचाया जा सकेगा। लोगों ने बताया कि जहां प्रशासन की लापरवाही के चलते 15 घंटे तक संक्रमित महिला का शव घर में पड़ा रहा तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की टीम कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपलिंग के भी वहां नहीं पहुंची। लोगों ने डीसी और एलजी से गुहार लगाते हुए कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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