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Rajouri News: एक साथ जलीं छह चिताएं, हजारों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
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राजोरी। शहर से सटे ढांगरी में रविवार की शाम और सोमवार की सुबह सामूहिक हत्याकांड में मारे गए छह लोगाें की चिताएं एक साथ जलीं तो हजारों आंखों से अश्रुधारा फूट पड़ी। आतंकी हमले के शिकार दो बच्चों समेत छह जिंदगियों को अंतिम विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ा। मंगलवार को यह मंजर देखने वाली हजारों आंखों में नमी के साथ आक्रोश भी था। शव यात्रा से लेकर अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने पाकिस्तान को बुजदिल बताते हुए जमकर कोसा।
छह लोगों के शवों को रात को ढांगरी के सरकारी स्कूल में रखा गया था। मंगलवार की सुबह पहले सभी शवों को उनके घरों में ले जाया गया। जहां हिंदू रीति रिवाज के तहत अंतिम यात्रा घरों से श्मशान घाट ले जाई गई।
अंतिम विदाई में ढांगरी गांव समेत जिले के पुंछ, मेंढर से भी लोग पहुंचे। ढांगरी में मारे गए लोगों की अंतिम यात्रा में भाग लेने डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी मुकेश सिंह, डिवकॉम रमेश कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, पूर्व एमएलसी विबोध गुप्ता सहित विभिन्न सियासी पार्टियों के नेता शामिल रहे। ढांगरी के श्मशान घाट में जैसे ही एक साथ बनाई गई छह चिताओं पर शव रखे गए तो मंजर दिल दहला देने वाला था। हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिजनों का खासकर महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल था। कुछ महिलाएं तो कई बार बेहोश हो गईं। चार वर्षीय विहान शर्मा की मां बदहवास रहीं। वह बेटे की चिता से लिपट कर बार-बार अपने मासूम को बाहों में भरना चाहती थीं। रोते-रोते कह रही थीं, मेरे विहान को मेरी झोली में डाल दो, या मुझे इसके साथ ही जला दो।
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चार वर्षीय विहान के आईटीबीपी के जवान पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बेटे की चिता जलती देख वो कई बार बेहोश हुए। एक लाइन में तीन चितायें, उसके बाद दूसरी लाइन में तीन चितायें जब जलीं तो हजारों आंखें छलक पड़ीं। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति पाकिस्तान को कोस रहा था।
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डोली के बजाय अर्थी निकली
अंतिम यात्रा में जहां एक तरफ चार वर्षीय विहान की चिता जलते देख हर कोई बदहवास हो रहा था। वहीं आईईडी ब्लास्ट में मारी गई 14 वर्षीय समीक्षा शर्मा के शव को सजा देख हर किसी की आंखें नम देखी गईं। समीक्षा के माता-पिता रो-रो कर बार-बार यही कह रहे थे कि जिस बेटी की उन्होंने डोली उठाने का सोचा था, आज उसकी अर्थी उठानी पड़ रही है।
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छह लोगों के शवों को रात को ढांगरी के सरकारी स्कूल में रखा गया था। मंगलवार की सुबह पहले सभी शवों को उनके घरों में ले जाया गया। जहां हिंदू रीति रिवाज के तहत अंतिम यात्रा घरों से श्मशान घाट ले जाई गई।
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अंतिम विदाई में ढांगरी गांव समेत जिले के पुंछ, मेंढर से भी लोग पहुंचे। ढांगरी में मारे गए लोगों की अंतिम यात्रा में भाग लेने डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी मुकेश सिंह, डिवकॉम रमेश कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, पूर्व एमएलसी विबोध गुप्ता सहित विभिन्न सियासी पार्टियों के नेता शामिल रहे। ढांगरी के श्मशान घाट में जैसे ही एक साथ बनाई गई छह चिताओं पर शव रखे गए तो मंजर दिल दहला देने वाला था। हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिजनों का खासकर महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल था। कुछ महिलाएं तो कई बार बेहोश हो गईं। चार वर्षीय विहान शर्मा की मां बदहवास रहीं। वह बेटे की चिता से लिपट कर बार-बार अपने मासूम को बाहों में भरना चाहती थीं। रोते-रोते कह रही थीं, मेरे विहान को मेरी झोली में डाल दो, या मुझे इसके साथ ही जला दो।
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चार वर्षीय विहान के आईटीबीपी के जवान पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बेटे की चिता जलती देख वो कई बार बेहोश हुए। एक लाइन में तीन चितायें, उसके बाद दूसरी लाइन में तीन चितायें जब जलीं तो हजारों आंखें छलक पड़ीं। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति पाकिस्तान को कोस रहा था।
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डोली के बजाय अर्थी निकली
अंतिम यात्रा में जहां एक तरफ चार वर्षीय विहान की चिता जलते देख हर कोई बदहवास हो रहा था। वहीं आईईडी ब्लास्ट में मारी गई 14 वर्षीय समीक्षा शर्मा के शव को सजा देख हर किसी की आंखें नम देखी गईं। समीक्षा के माता-पिता रो-रो कर बार-बार यही कह रहे थे कि जिस बेटी की उन्होंने डोली उठाने का सोचा था, आज उसकी अर्थी उठानी पड़ रही है।