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Rajouri News: नौ हजार फीट की ऊंचाई पर सीआरपीएफ ने पहुंचाया पेयजल
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र गूरनूर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 72वीं बटालियन ने सुरक्षा के साथ-साथ मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में सीआरपीएफ ने टेक्टिकल ऑपरेशनल बेस (टीओबी) स्थापित कर लोगों को पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। गूरनूर क्षेत्र पुलिस थाना बुधल के अंतर्गत आता है और यह जिला राजोेरी के सबसे कठिन तथा दुर्गम इलाकों में गिना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र तक पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय करना पड़ता है, जिसमें खड़ी पहाड़ियां, पथरीले रास्ते और जोखिम भरे पहाड़ी मार्ग शामिल हैं।
यह इलाका साल के अधिकांश समय बर्फ से ढका रहता है। यहां अचानक ओलावृष्टि, भारी बारिश और तेज हवाओं जैसी प्रतिकूल परिस्थितियां आम बात हैं। ऐसे हालात में सुरक्षा बलों की तैनाती और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता किसी चुनौती से कम नहीं होती। गर्मी के मौसम में इस क्षेत्र में खानाबदोश समुदाय अपने पशुओं के साथ ऊंचे पहाड़ी इलाकों की ओर पलायन करते हैं। ये लोग अस्थायी शिविरों में रहते हैं, जहां बिजली, सड़क और सुरक्षित पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की थी।
इससे स्थानीय लोगों और वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए सीआरपीएफ के जवानों ने लगभग एक किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का कठिन कार्य अपने हाथ में लिया। जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों और कठिन रास्तों के बीच पाइपों को स्वयं अपने कंधों पर उठाकर इलाके तक पहुंचाया। इसके बाद पास के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी लाकर एक स्थायी पेयजल व्यवस्था तैयार की गई। इस कार्य में लोक स्वास्थ्य जल शक्ति, सिविल पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग लिया गया।
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सामूहिक प्रयासों से यह परियोजना पूरी हुई, जिससे अब क्षेत्र में तैनात सुरक्षाबलों के साथ-साथ स्थानीय खानाबदोश परिवारों और उनके पशुओं को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
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राजोेरी। जिले के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र गूरनूर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 72वीं बटालियन ने सुरक्षा के साथ-साथ मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में सीआरपीएफ ने टेक्टिकल ऑपरेशनल बेस (टीओबी) स्थापित कर लोगों को पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। गूरनूर क्षेत्र पुलिस थाना बुधल के अंतर्गत आता है और यह जिला राजोेरी के सबसे कठिन तथा दुर्गम इलाकों में गिना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र तक पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय करना पड़ता है, जिसमें खड़ी पहाड़ियां, पथरीले रास्ते और जोखिम भरे पहाड़ी मार्ग शामिल हैं।
यह इलाका साल के अधिकांश समय बर्फ से ढका रहता है। यहां अचानक ओलावृष्टि, भारी बारिश और तेज हवाओं जैसी प्रतिकूल परिस्थितियां आम बात हैं। ऐसे हालात में सुरक्षा बलों की तैनाती और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता किसी चुनौती से कम नहीं होती। गर्मी के मौसम में इस क्षेत्र में खानाबदोश समुदाय अपने पशुओं के साथ ऊंचे पहाड़ी इलाकों की ओर पलायन करते हैं। ये लोग अस्थायी शिविरों में रहते हैं, जहां बिजली, सड़क और सुरक्षित पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की थी।
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इससे स्थानीय लोगों और वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए सीआरपीएफ के जवानों ने लगभग एक किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का कठिन कार्य अपने हाथ में लिया। जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों और कठिन रास्तों के बीच पाइपों को स्वयं अपने कंधों पर उठाकर इलाके तक पहुंचाया। इसके बाद पास के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी लाकर एक स्थायी पेयजल व्यवस्था तैयार की गई। इस कार्य में लोक स्वास्थ्य जल शक्ति, सिविल पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग लिया गया।
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सामूहिक प्रयासों से यह परियोजना पूरी हुई, जिससे अब क्षेत्र में तैनात सुरक्षाबलों के साथ-साथ स्थानीय खानाबदोश परिवारों और उनके पशुओं को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।