राजोरी। लोनिवि के एक जेई को डीसी द्वारा सस्पेंड करने के विरोध में काम छोड़ हड़ताल करना 33 इंजीनियरोें को महंगा पड़ा है। सरकार ने पीडब्ल्यूूडी मे तैनात 33 एई और जेई को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी) विभाग के अंडर सेक्रेटरी ने आदेश जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) राजोेरी द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों के निरीक्षण में डीडीसी राजोरी राजेश कुमार शवन ने पाया कि कार्यों में से कुछ गुणवत्ता और समय रेखा के संदर्भ में योग्य नहीं हैं। इस पर जेई दानिश मिर्जा को कार्य कुशलता में सुधार लाने और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कहा गया था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहे। डीडीसी ने जेई के लापरवाह रवैये का कड़ा संज्ञान लेते हुए 21 मार्च को उन्हें निलंबित कर दिया। डीडीसी के आदेश के विरोध में पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) राजोेरी और पुंछ जिले के 33 इंजीनियरों ने 22 मार्च को सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया। एक साथ सभी जेई और एई के विरोध प्रदर्शन का कड़ा संज्ञान लेते हुए अंडर सेक्त्रस्ेटरी ने अपने आदेश में लिखा है कि आप सभी ने अपने दुर्व्यवहार से सेवा को बदनाम किया है और अपने आप को अनधिकृत रूप से कर्तव्यों से अनुपस्थित रखा है। इससे कर्मचारी आचरण नियम 1971 के नियमों का उल्लंघन हुआ है। सभी एक हफ्ते में जवाब दें, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।