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पीएचसी बुद्धल की खस्ता हालत डॉक्टर नदारदलोगों की जान जोखिम में
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पीएचसी बुद्धल मे डॉक्टर मौजूद न होने पर मरीज को राजोरी रेफर किया गया
- फोटो : RAJOURI
राजोरी। पीएचसी बुद्धल की की हालत इस समय काफी खस्ता है। ऐसे में डॉक्टर भी अधिक समय पीएचसी में नहीं देते हैं और वे नदारद रहते हैं। पीएचसी की जर्जर हालत के चलते लोगों की जान जोखिम में रहती है।
युवा भाजपा नेता और प्रवक्ता मंजूर अहमद नाइक ने कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बुद्धल का दौरा किया। इस दौरान इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज से पूछताछ की तो पाया कि दोपहर तक कोई उसे कोई डॉक्टर देखने नहीं पहुंचा। नाइक ने बताया कि इस दौरान पाया गया कि मात्र एक डॉक्टर को छोड़कर सभी अनुपस्थित थे। यहां एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है।
नाइक ने कहा कि बीस हजार से अधिक लोग इस पीएचसी पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त उपचार और देखभाल नहीं मिल रही है। कहा कि 80 वर्ष के अब्दुल्ला नामक एक मरीज को एक डॉक्टर ने पीएचसी बुद्धल से जीएमसी राजोेरी रेफर किया था, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। इसका इस्तेमाल विभाग ने वैक्सीन लाने ले जाने में लगा रखा है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीएचसी में कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति को सुनिश्चित नहीं की जाती है तो पूरे बुद्धल और उसके आसपास के गांवों के लोग सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
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युवा भाजपा नेता और प्रवक्ता मंजूर अहमद नाइक ने कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बुद्धल का दौरा किया। इस दौरान इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज से पूछताछ की तो पाया कि दोपहर तक कोई उसे कोई डॉक्टर देखने नहीं पहुंचा। नाइक ने बताया कि इस दौरान पाया गया कि मात्र एक डॉक्टर को छोड़कर सभी अनुपस्थित थे। यहां एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है।
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नाइक ने कहा कि बीस हजार से अधिक लोग इस पीएचसी पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त उपचार और देखभाल नहीं मिल रही है। कहा कि 80 वर्ष के अब्दुल्ला नामक एक मरीज को एक डॉक्टर ने पीएचसी बुद्धल से जीएमसी राजोेरी रेफर किया था, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। इसका इस्तेमाल विभाग ने वैक्सीन लाने ले जाने में लगा रखा है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीएचसी में कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति को सुनिश्चित नहीं की जाती है तो पूरे बुद्धल और उसके आसपास के गांवों के लोग सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।