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सात साल में भी नहीं बना पाया होस्टल
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2015 06:39 PM IST
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थन्नामंडी स्थित पंगाई क्षेत्र में वर्ष 2008 में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) होस्टल का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण अधूरा पड़ा है। दो मंजिला भवन के निर्माण के लिए करीब 23 लाख रुपये मंजूर हुए थे, लेकिन बीच में फंड पर रोक लग जाने के कारण काम पूरा नहीं हो सका।
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वर्तमान में यह विद्यालय किराये के भवन में चल रहा है। केजीबीवी के नियम अनुसार विद्यालय में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को स्कूल जाने का किराया, खाने पीने और रहने की तमाम सुविधाएं संबंधित विभाग के जिम्मे होती हैं। महीने में एक बार सभी छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच भी करवाई जाती है लेकिन पंगाई के केजीबीवी में इस प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
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इतना ही नहीं, पिछले सात वर्षों से होस्टल में कोई भी वार्डन नियुक्त नहीं किया गया है। छात्राओं के अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि यदि बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं करनी थीें, तो उसे खोलने की क्या जरूरत थी।
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हाजी अब्दुल रशीद, बशीर अहमद, तारिक मलिक आदि कहा कि उनकी बच्चियों को सुविधाएं प्रदान की जाएं। यदि जल्द ही होस्टल का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं तो वह बेटियों को स्कूल से छुड़ाने पर मजबूर हो जाएंगे।
सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसेन चौधरी ने इस संबंध में बताया कि वर्ष 2009 में होस्टल के निर्माण कार्य पर शिक्षा विभाग द्वारा रोक लगा दी गई थी। शिक्षा विभाग के निर्देश का इंतजार है, जैसे ही काम दोबारा शुरू करने के निर्देश मिलेंगे तो यह शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने अन्य सुविधाएं प्रदान करने का भी भरोसा दिलाया।