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पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Sat, 20 Dec 2014 01:40 AM IST
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सुरनकोट तहसील के गांव दोफल्ली निवासी दशकों बाद भी हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की अनदेखी के चलते हम लोगों को आज भी बिना सड़क के कई किलोमीटर तक पैदल चल कर गांव के बाहर आवाजाही करनी पड़ती है।
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बार-बार गांव तक पक्की सड़क बनाए जाने की मांग करने के बाद भी किसी सरकार ने हमारी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। दोफल्ली के ग्रामीण मुश्ताक हुसैन, वजीर मोहम्मद, बदरदीन, मोहम्मद फजल आदि का कहना था कि हम लोगों ने करीब दो दशकों तक आतंकवाद की मार को झेला है।
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उस दौरान हम लोगाें से सहानुभूति जताने के लिए राज्य सरकार के कई बडे़ नेता एवं मंत्री तक पहुंचते रहे हैं, जिनसे हम लोगों ने हर बार एक ही मांग रखी थी कि गांव तक सड़क का निर्माण करवाया जाए, लेकिन आज तक किसी ने हमारी मांग की परवाह नहीं की।
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ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों को सबसे बड़ी परेशानी उस समय होती है जब देर रात गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसे चारपाई पर डाल कर कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में कई बार तो बीमार बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।