{"_id":"61cf56cf0f15bb15af46e2c8","slug":"environment-rajouri-news-jmu250975079","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजोरी प्रशासन ने जिला पर्यावरण संरक्षण योजना के क्रियान्वयन पर की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजोरी प्रशासन ने जिला पर्यावरण संरक्षण योजना के क्रियान्वयन पर की चर्चा
विज्ञापन
डीसी राजोरी द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर बैठक
- फोटो : RAJOURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल की अध्यक्षता में बैठक कर जिला योजना में पर्यावरण के संरक्षण और प्रबंधन के उपायों पर शुक्रवार को चर्चा की गई। बैठक में जिला स्तरीय पर्यावरण समिति का गठन किया गया। उपायुक्त ने पर्यावरण योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की और समिति के सदस्यों को संरक्षण गतिविधियों के संबंध में निर्देश दिए।
प्रत्येक नगर पालिका में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों का जायजा लेते हुए बैठक में बताया गया कि सुंदरबनी में केवल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र कार्यरत है। जबकि अन्य नगर पालिकाओं में इसी तरह के संयंत्र स्थापित करने के लिए भूमि हस्तांतरित की गई है। ईओ नगर परिषद को सामग्री सुविधा केंद्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने और एक पावर प्वाइंट प्रस्तुति तैयार करने के लिए कहा गया। बायो मेडिकल वेस्ट के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमीम को जिले में उत्पन्न होने वाले बायो वेस्ट की मात्रा के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। सीएमओ को अनमोल द्वारा उठाए जा रहे ठोस कचरे के पैकेजों की बार-कोडिंग उत्पन्न करने के भी निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि हर बिस्तर वाला अस्पताल चाहे सरकारी हो या निजी, एसटीपी और ईटीपी सुविधाओं से लैस होगा। एडीसी व एसडीएम को वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने डीपीओ को ई-कचरे के प्रबंधन और सुरक्षित निपटान के लिए समितियां गठित करने का भी निर्देश दिया। पॉलिथीन अभियान को संज्ञान में लेते हुए बाजार में अभियान शुरू करने के निर्देश दिए और इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया। नगर समितियों को उनके क्षेत्रों में घरेलू खतरनाक कचरा कलेक्शन प्वाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि उसका उचित निस्तारण किया जा सके।
विज्ञापन
संभागीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु, ध्वनि, प्रदूषण और ई-वेस्ट, बायोवेस्ट, सॉलिड वेस्ट और लिक्विड वेस्ट प्रबंधन की स्थिति से अवगत कराया। उपायुक्त ने वायु गुणवत्ता पर आंकड़े जमा करने को कहा। नगर परिषद और नगर पालिकाओं के कार्यकारी अधिकारियों को डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
प्रत्येक नगर पालिका में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों का जायजा लेते हुए बैठक में बताया गया कि सुंदरबनी में केवल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र कार्यरत है। जबकि अन्य नगर पालिकाओं में इसी तरह के संयंत्र स्थापित करने के लिए भूमि हस्तांतरित की गई है। ईओ नगर परिषद को सामग्री सुविधा केंद्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने और एक पावर प्वाइंट प्रस्तुति तैयार करने के लिए कहा गया। बायो मेडिकल वेस्ट के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमीम को जिले में उत्पन्न होने वाले बायो वेस्ट की मात्रा के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। सीएमओ को अनमोल द्वारा उठाए जा रहे ठोस कचरे के पैकेजों की बार-कोडिंग उत्पन्न करने के भी निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा कि हर बिस्तर वाला अस्पताल चाहे सरकारी हो या निजी, एसटीपी और ईटीपी सुविधाओं से लैस होगा। एडीसी व एसडीएम को वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने डीपीओ को ई-कचरे के प्रबंधन और सुरक्षित निपटान के लिए समितियां गठित करने का भी निर्देश दिया। पॉलिथीन अभियान को संज्ञान में लेते हुए बाजार में अभियान शुरू करने के निर्देश दिए और इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया। नगर समितियों को उनके क्षेत्रों में घरेलू खतरनाक कचरा कलेक्शन प्वाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि उसका उचित निस्तारण किया जा सके।
विज्ञापन
संभागीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु, ध्वनि, प्रदूषण और ई-वेस्ट, बायोवेस्ट, सॉलिड वेस्ट और लिक्विड वेस्ट प्रबंधन की स्थिति से अवगत कराया। उपायुक्त ने वायु गुणवत्ता पर आंकड़े जमा करने को कहा। नगर परिषद और नगर पालिकाओं के कार्यकारी अधिकारियों को डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।