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तेज आंधी चलने से सरकारी मिडिल स्कूल की छत उड़ी खुले आसमान के नीचे बच्चे पढ़ने को मजबूर

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तेज आंधी चलने से छत उड़ी खुले आसमान के नीचे बच्चे पढ़ने को मजबूर - फोटो : RAJOURI
राजोरी। जिले की कोटरंका के कंडी में शुक्रवार की रात्रि चली आंधी में एक सरकारी मिडिल स्कूल की छत उड़ गई। ऐसे में बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार सरकारी मिडिल स्कूल हुब्बी कलर जामा मस्जिद की छत आंधी से उड़ गई, जिसके चलते स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे करीब 150 बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि उक्त स्कूल में 150 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिनको पढ़ाने के लिए तीन कमरे बनाए गए, जिनमें से एक कमरे में हेडमास्टर का कार्यालय है। दूसरे कमरे में मिड डे मील बनता है। सिर्फ एक कमरा ही बच्चों के बैठने के लिए है। इससे पहले भी अधिक कक्षाएं खुले आसमान के नीचे बैठकर चलती रही हैं, लेकिन अब छत उड़ जाने से पूरी कक्षा, यानी 150 बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। इसके चलते अभिभावकों में रोष है।
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अभिभावकों मोहम्मद राशिद, जुल्फिकार अली, बशारत हुसैन, नजाकत खान, ताज मोहम्मद ने बताया कि बच्चों के पढ़ने को लेकर पहले ही स्कूल में कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं, सिर्फ तीन शिक्षक नियुक्त किए गए थे। इससे पहले भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती रही है। उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त करते हुए बताया कि कई बार इस संबंध में विभाग को स्कूल में शिक्षक नियुक्त करने और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने की गुहार लगाई है, लेकिन किसी ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया। अभिभावकों ने कहा कि अब जबकि स्कूल की छत ही उड़ गई है, तो सारे के सारे बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ते हैं। यदि बारिश होती है तो छुट्टी हो जाती है। तेज धूप हो तो बच्चे बढ़ी मुश्किल से तालीम हासिल करते हैं।
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हमने स्कूल का दौरा किया है, इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी है कि स्कूल भवन सुरक्षित नहीं है। जल्द से जल्द उसकी मरम्मत की जानी चाहिए। जैसे ही फंड्स उपलब्ध होते हैं, स्कूल की मरम्मत कर दी जाएगी।
-अलफदीन, खंड शिक्षा अधिकारी
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