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Rajouri News: 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित होते ही झूमे विद्यार्थी
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दसवीं कक्षा के छात्र शाश्वत महाजन अपने माता पिता के साथ।
राजोरी। 10वीं कक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों में कोई इंजीनियर बनना चाहता है तो कोई डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहता है।
जम्मू कश्मीर शिक्षा बोर्ड का परिणाम आने के बाद बातचीत में टॉपरों ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा किया। वे लक्ष्य निर्धारित कर अभी से तैयारी कर रहे हैं। राजोरी के हैप्पी होम स्कूल में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से टॉप करने वाले गुनमीत कौर और दक्षिणा खजूरिया ने कहा कि उन्होंने परीक्षा में सफलता के लिए केवल स्कूल से पढ़ाई की। स्कूल की पढ़ाई के बाद 5-6 घंटे पढ़ते थे। कहा कि जब किसी प्रश्न में उलझते थे तो वे स्कूल के शिक्षक से ही सलाह कर लेते थे। कहीं कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने से कोई भी मुकाम आसानी से हासिल किया जा सकता है। इन विद्यार्थियों ने कहा कि वे भविष्य में आईआईटी से इंजीनियर बनेंगे। वहीं 91 प्रतिशत अंक लेने वाले शाश्वत महाजन ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों की मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद को देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना है और माता पिता के सपने को साकार करना है।
वहीं एचईएम स्कूल राजोरी से 98.6 प्रतिशत अंक हासिल करने पर अयान अहमद ने कहा कि डॉक्टर बनना ही उसका लक्ष्य है। वह नीट की तैयारी कर रहे हैं। इंटर की परीक्षा के बाद नीट की परीक्षा में भी टॉप करने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य को लेकर वह तैयारी कर रहे हैं। स्कूल में पढ़ाई के बाद वह घर पर पांच घंटे पढ़ाई करते हैं। वहीं एचईएम स्कूल से 98.2 प्रतिशत अंक लेने पर आयमान रकीन ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों को देते हुए कहा कि मोबाइल से वह अब भी दूर हैं। कहा कि छात्रों को पहले लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, फिर उसी दिशा एकाग्रता से कदम बढ़ाया जाए तो मुकाम आसान हो जाता है। इसी दिशा में वह पढ़ाई कर रही हैं। वहीं नेशनल पब्लिक स्कूल राजोरी की मानवी शर्मा ने 92 प्रतिशत अंक हासिल करने पर अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों को दिया। उन्होंने बताया कि वह आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहती हैं। लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने से सफलता की राह आसान हो जाती है।
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जम्मू कश्मीर शिक्षा बोर्ड का परिणाम आने के बाद बातचीत में टॉपरों ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा किया। वे लक्ष्य निर्धारित कर अभी से तैयारी कर रहे हैं। राजोरी के हैप्पी होम स्कूल में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से टॉप करने वाले गुनमीत कौर और दक्षिणा खजूरिया ने कहा कि उन्होंने परीक्षा में सफलता के लिए केवल स्कूल से पढ़ाई की। स्कूल की पढ़ाई के बाद 5-6 घंटे पढ़ते थे। कहा कि जब किसी प्रश्न में उलझते थे तो वे स्कूल के शिक्षक से ही सलाह कर लेते थे। कहीं कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने से कोई भी मुकाम आसानी से हासिल किया जा सकता है। इन विद्यार्थियों ने कहा कि वे भविष्य में आईआईटी से इंजीनियर बनेंगे। वहीं 91 प्रतिशत अंक लेने वाले शाश्वत महाजन ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों की मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद को देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना है और माता पिता के सपने को साकार करना है।
वहीं एचईएम स्कूल राजोरी से 98.6 प्रतिशत अंक हासिल करने पर अयान अहमद ने कहा कि डॉक्टर बनना ही उसका लक्ष्य है। वह नीट की तैयारी कर रहे हैं। इंटर की परीक्षा के बाद नीट की परीक्षा में भी टॉप करने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य को लेकर वह तैयारी कर रहे हैं। स्कूल में पढ़ाई के बाद वह घर पर पांच घंटे पढ़ाई करते हैं। वहीं एचईएम स्कूल से 98.2 प्रतिशत अंक लेने पर आयमान रकीन ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों को देते हुए कहा कि मोबाइल से वह अब भी दूर हैं। कहा कि छात्रों को पहले लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, फिर उसी दिशा एकाग्रता से कदम बढ़ाया जाए तो मुकाम आसान हो जाता है। इसी दिशा में वह पढ़ाई कर रही हैं। वहीं नेशनल पब्लिक स्कूल राजोरी की मानवी शर्मा ने 92 प्रतिशत अंक हासिल करने पर अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों को दिया। उन्होंने बताया कि वह आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहती हैं। लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने से सफलता की राह आसान हो जाती है।
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